कुछ दिन पहले आइटी विभाग ने 50 हजार रुपये से अधिक का होल्डिंग टैक्स देने वालों को रडार पर लिया था. नगर निगम सूत्र बताते हैं कि आइटी विभाग की ओर से 50 हजार रुपये से अधिक का होल्डिंग टैक्स देने वालों की सूची मांगी गयी थी जिसे उपलब्ध करवा दिया गया है. बताया जा रहा है कि नगर निगम ने 11 लोगों की सूची आइटी विभाग को भेजी है. सूत्रों से पता चला है कि आइटी विभाग के इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन विंग ने नगर निगम से ऐसे लोगों की सूची उपलब्ध करवाने को कहा है जिन्होंने वित्त वर्ष 2014-2015 के दौरान कॉमर्शियल बिल्डिंग के टैक्स के रूप में एक लाख और आवासीय बिल्डिंग के टैक्स के रूप में 30 हजार से अधिक रुपये जमा किया है. सूची देने के लिए आइटी विभाग समयसीमा तय कर दी है.
अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देनेवाले आइटी के रडार पर
गया : आवासीय और कॉमर्शियल इमारतों का प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) देनेवालों पर इनकम टैक्स(आइटी) विभाग की तिरछी नजर है. आयकर (आइटी) विभाग उन लोगों का ब्योरा खंगालने की तैयार कर रहा है जिन्होंने 30 हजार या उससे अधिक और एक लाख रुपये या उससे अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है. आवासीय इमारतों के […]

गया : आवासीय और कॉमर्शियल इमारतों का प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) देनेवालों पर इनकम टैक्स(आइटी) विभाग की तिरछी नजर है. आयकर (आइटी) विभाग उन लोगों का ब्योरा खंगालने की तैयार कर रहा है जिन्होंने 30 हजार या उससे अधिक और एक लाख रुपये या उससे अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है.
आवासीय इमारतों के प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 30 हजार रुपये से अधिक और कॉमर्शियल इमारतों के प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में एक लाख रुपये से अधिक जमा करने वालों का ब्योरा आइटी विभाग खंगालने जा रहा है. माना जा रहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जो रुपये जमा किये गये हैं वे कालाधन हो सकते हैं. इस आशंका के मद्देनजर आइटी विभाग ने कदम उठाया है.
सात दिसंबर तक देनी होगी सूची, वरना लगेगा जुर्माना
आइटी विभाग ने सात दिसंबर तक सूची उपलब्ध करवाने को कहा है. अगर सूची देने में देरी होती है तो नगर निगम पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा. सूत्र बताते हैं कि कालाधन रखने वालों को शिकंजे में लेने लिए आइटी विभाग ने यह कदम उठाया है. ऐसे लोगों को योजनाबद्ध तरीके से घेरने का काम करना शुरू कर दिया है. इसकी शुरुआत आयकर विभाग ने नगर निगम से कर दी है. विभाग ने निगम से ऐसे लोगों की डिटेल सीडी में उपलब्ध कराने को कहा है. आयकर विभाग द्वारा इस आशय को लेकर 22 नवंबर को एक पत्रांक संख्या 2016-17/ 1926 जारी किया गया था जिसमें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि सात दिसंबर तक मांगी गयी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी तो 272(2) सी ऑफ आइटी एक्ट के तहत प्रतिदिन के हिसाब से नगर निगम के ऊपर जुर्माना लगायेगा. इंकम टैक्स की ओर से जारी इस फरमान को पूरा करने में नगर निगम के कर्मी जुट गये हैं.