सड़क पर लहूलुहान तड़प रहे थे बीवी व बच्चे
गया : केसरु धर्मपुर के निकट यमुने पुल के निकट खड़े ऑटो में ट्रक की टक्कर से हुई दर्दनाक घटना को अपनी आंखों के सामने देख कर परिवार का मुखिया रमेश बदहवास है. रमेश घटना के दृश्य को याद करते ही फफक-फफक कर रो उठता है. उसकी जुबान पर बस एक ही लाइन होती है कि मेरे बच्चे व बीबी सभी सड़क पर मछली की तरह तड़प रहे थे व सड़क उनके खून से लाल हो रही थी. दरअसल घटना के वक्त ऑटो पर अपने परिवार को छोड़कर सड़क से नीचे खेत में पेशाब करने को चला गया था.
इसी बीच गैस से लदे ट्रक ने आटो में टक्कर मार दिया था. टक्कर की जबर्दस्त आवाज सुन कर रमेश ने जब पीछे मुड़ कर देखा उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी. वह बदहवास हो उठा. उसकी आंखों के सामने उसके घर के तीन बच्चे व बीबी तड़प रही थीं व ऑटो का चालक बेसुध सड़क के किनारे पड़ा हुआ था. उसके शरीर से खून ही खून बह रहा था व जुबान खुल व बंद हो रही थी
. आंखें पथराने लगी थीं. आनन-फानन में रमेश व आसपास के ग्रामीणों ने एक वाहन में सड़क पर घायल पड़े लोगों को रखा व मगध मेडिकल कॉलेज की ओर चल पड़ा. रास्ते में बीबी व बच्चों की कराह सुन रमेश के हाथ पैर सभी कांप उठे. उसे खतरे का अंदेशा होने लगा था जो मेडिकल कॉलेज में पहुंचने के बाद सच में तब्दील हो गया. उसकी भतीजी शोभा हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गयी. वहीं उसके बेटे की एक टांग को मजबूरी में चिकित्सकों को काटनी पड़ी गयी. बीबी व बेटी देर रात तक मगध मेडिकल कॉलेज में जिंदगी व मौत से जूझ रही थी.
