पैसों की कमी में कैशलेस शॉपिंग कर सकती है मदद

गया : नये नोट की तंगी में अगर थोड़ी सी तकनीकी जानकारी हो, तो छोटी खरीदारी आसानी से हो सकती है. स्टेट बैंक आॅफ इंडिया का मोबाइल एप्लीकेशन एसबीआइ बडी(sbi buddy) इसमें मदद कर सकता है. किसी भी एंड्राॅयड मोबाइल में एप की मदद से व्यक्ति 10 हजार रूपये तक की खरीदारी कर सकता है. […]

गया : नये नोट की तंगी में अगर थोड़ी सी तकनीकी जानकारी हो, तो छोटी खरीदारी आसानी से हो सकती है. स्टेट बैंक आॅफ इंडिया का मोबाइल एप्लीकेशन एसबीआइ बडी(sbi buddy) इसमें मदद कर सकता है. किसी भी एंड्राॅयड मोबाइल में एप की मदद से व्यक्ति 10 हजार रूपये तक की खरीदारी कर सकता है. बड़े शहरों में लोग इसका खुब प्रयोग करते हैं. सामान्य तौर पर सभी के पास आज एंड्रॉयड मोबाइल है. ऐसे में इसका प्रयोग सरल व आसान होगा. स्टेट बैंक आॅफ इंडिया की शाखाओं में इस एप की जानकारी लोगों को दिये जाने का निर्देश दिया गया है.
किसी भी बैंक के ग्राहक कर सकते है प्रयोग : स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक मो अयाजुद्दीन ने बताया कि इस एप्लिकेशन का प्रयोग कोई भी कर सकता है. बस दोनों व्यक्ति, जिनके बीच लेन देन होना है,उनके पास एंड्रॉयड मोबाइल होना चाहिए. और उसमें एसबीआइ बडी एप्लिकेशन इंस्टाॅल होना चाहिए. इसके माध्यम से 10 हजार रुपये तक का लेन देन हो सकेगा. उन्होंने बताया कि इस एप्लीकेशन के प्रयोग के लिए एसबीआइ का ग्राहक होना भी जरूरी नहीं है. व्यक्ति का खाता किसी भी बैंक में हो यह एप्लीकेशन उससे जुड़ जायेगा. क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि इसे प्रयोग करने का तरीका भी बिल्कुल आसान है. जिस व्यक्ति को पैसे देने हैं, बस उसका मोबाइल नंबर डाल देना है और जितने पैसे देने उसे टाइप कर सेंड कर देना है.
यह इलेक्ट्राॅनिक वाॅलेट है : क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि सामान्य तौर पर एक व्यक्ति अपने वाॅलेट (पर्स) में 10 हजार तक रुपये रखता है.एसबीआइ बडी एप इलेक्ट्राॅनिक वाॅलेट की तरह ही है. लोगों के पास जानकारी नहीं होने की वजह से इसका प्रयोग नहीं कर पाते है. वहीं बड़े शहरों में इस एप्लीकेशन का लोग खूब इस्तेमाल करते हैं. यह कैशलेस शॉपिंग को बढ़ावा देता है, जो कि अब जरूरत भी बनता जा रहा है. अब तो हर किसी के पास एंड्रॉयड मोबाइल है. ऐसे में लोग इस एप्लिकेशन का प्रयोग कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि शहर में इसके प्रयोग से मार्केट में पैसों का फ्लो भी कंट्रोल हो जायेगा. इन पैसों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जा सकेगा, जहां जरूरत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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