स्नान के बाद लाेगों ने विष्णुपद मंदिर में जाकर पूजा-पाठ भी किया. कार्तिक पूर्णिमा जिसे गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है, काे लेकर विष्णुपद मंदिर की आभा देखते बन रही थी. मंदिर काे बेहतर ढंग से सजाया गया था. बत्तियाें व फूलाें की लरियाें से मंदिर व आस-पास के जगहाें काे सजाया गया था. फल्गु स्नान व विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए न केवल शहर के बल्कि जिले के गांवाें से भी लाेग आये थे.
कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुआें ने फल्गु में लगायी डुबकी
गया:कार्तिक पूर्णिमा पर साेमवार को अहले सुबह से ही विष्णुपद मंदिर के आस-पास श्रद्धालुआें की भीड़ उमड़ पड़ी. सूर्याेदय के पहले से ही श्रद्धालु फल्गु नदी व सूर्यकुंड में गाेते लगाने लगे. स्नान कर लाेग सूर्य नमस्कार किये. महिलाएं गंगा मइया काे साक्षी मानकर फल्गु नदी के बहते जल में दीपदान किया. बालू का पिंड […]

गया:कार्तिक पूर्णिमा पर साेमवार को अहले सुबह से ही विष्णुपद मंदिर के आस-पास श्रद्धालुआें की भीड़ उमड़ पड़ी. सूर्याेदय के पहले से ही श्रद्धालु फल्गु नदी व सूर्यकुंड में गाेते लगाने लगे.
स्नान कर लाेग सूर्य नमस्कार किये. महिलाएं गंगा मइया काे साक्षी मानकर फल्गु नदी के बहते जल में दीपदान किया. बालू का पिंड बनाकर पूजन भी किया. देवघाट व गदाधर घाट पर श्रद्धालुआें की अपार भीड़ सुबह में उमड़ी.