बनती-बिगड़ती रहीं विकास की योजनाएं

गया: नगर निगम के वार्ड नंबर पांच की पार्षद दो साल(2012-14) तक मेयर रही. इसके बाद भी वार्ड का समुचित विकास नहीं हो सका. लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद ने सिर्फ अपने निवास स्थान के पास विकास कार्य करवाया है. गोविंदपुर व खरखुरा में नाली-गली का काम नहीं हुआ है. कहीं भी वाटर […]

गया: नगर निगम के वार्ड नंबर पांच की पार्षद दो साल(2012-14) तक मेयर रही. इसके बाद भी वार्ड का समुचित विकास नहीं हो सका. लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद ने सिर्फ अपने निवास स्थान के पास विकास कार्य करवाया है. गोविंदपुर व खरखुरा में नाली-गली का काम नहीं हुआ है. कहीं भी वाटर सप्लाइ के पाइप लाइन नहीं बिछाया गया है. आज भी पूरा वार्ड विकास की बाट जोह रहा है.
लोगों ने बताया कि कुछ लोगों पेंशन व राशन कार्ड बनाया गया है. ज्यादातर लोग इससे महरूम हैं. कई योजनाओं को बोर्ड से पारित किया गया. टेंडर भी निकाला गया, लेकिन खींचतान की स्थिति में एक भी में काम नहीं लग पाया. राशन कार्ड का वितरण लोगों के बीच नहीं कराया गया है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन योजना के तहत लाभ कम लोगों को मिल सका है. राजीव आवास योजना से कुछ लोगों को लाभ मिला है, ज्यादातर लोगों का नाम डीपीआर में आने के बाद भी लाभ नहीं मिल सका है.

लोगों ने बताया कि जो लोग इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पैसा दिया उन्हें मिला. अन्य लोगों का नाम आने के बाद भी आज तक मामला लटक गया है. विकास के कुछ काम पार्षद के आवास वाला मुहल्ला कंडी नवादा में दिखता है. यहां पर नली-गली बनाया गया है. इसके साथ ही कुछ गलियों के पक्कीकरण का काम चलाया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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