एमयू के कुलसचिव प्रो एनके शास्त्री ने बताया कि कतिपय कारणों से भवन निर्माण स्थगित हो गया था, लेकिन अब स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू किया गया है. उधर, एमयू के अभियंता रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए साढ़े 10 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था. लेकिन, निम्नतम टेंडर के आधार पर साढ़े आठ करोड़ में एक एजेंसी के साथ एग्रीमेंट किया गया था. उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए छह महीने का समय निर्धारित है. उन्होंने बताया कि भवन बनाने के लिए पुराने प्रशासनिक भवन के बगल में लेवलिंग का काम शुरू करा दिया गया है.
एमयू: नये प्रशासनिक भवन की अड़चन खत्म, राज्यपाल की मंजूरी के बाद निर्माण शुरू
बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) परिसर में नये प्रशासनिक भवन के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद भवन बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. पहले से स्थित प्रशासनिक भवन के बगल में उत्तर नये भवन का निर्माण किया जाना है. हालांकि, इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गयी थी, पर […]

बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) परिसर में नये प्रशासनिक भवन के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद भवन बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. पहले से स्थित प्रशासनिक भवन के बगल में उत्तर नये भवन का निर्माण किया जाना है. हालांकि, इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गयी थी, पर कर्मचारी संघ के विरोध के बाद निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया था. संघ ने कुलाधिपति (राज्यपाल) से इसकी शिकायत की थी व इसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी थी. अब भवन निर्माण के लिए टेंडर ले चुकी निर्माण एजेंसी द्वारा पहल करने के बाद राज्यपाल ने प्रशासनिक भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है.
साथ ही, पिछले दिनों मगध विश्वविद्यालय के दौरे पर आये राज्यपाल व शिक्षामंत्री अशोक चौधरी को भी एमयू के कुलपति प्रो एम इश्तियाक ने बताया था कि पहले से स्थित प्रशासनिक भवन में कागजात रखने व कर्मचारियों के काम करने के लिए जगह की कमी पड़ रही है. इस कारण नये भवन का निर्माण जरूरी है. इसके बाद संभवत: राज्यपाल ने नये प्रशासनिक भवन के निर्माण की स्वीकृति दे दी है.