शिक्षकों की कमी दूर करने की पहल
गया. एक से पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती करने को लेकर पहल की गयी है. इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी ठाकुर मनोरंजन प्रसाद ने जिले के सभी प्राइमरी स्कूलों के हेडमास्टरों व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियनंदन ने बताया […]
गया. एक से पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती करने को लेकर पहल की गयी है. इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी ठाकुर मनोरंजन प्रसाद ने जिले के सभी प्राइमरी स्कूलों के हेडमास्टरों व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है.
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियनंदन ने बताया कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसी स्कूल में छात्रों की संख्या अधिक है तो उसके अनुपात में शिक्षकों की संख्या कम है.
कुछ ऐसे भी स्कूल हैं, जहां छात्रों की संख्या कम है, लेकिन उसके अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है. इस विषमता को दूर करने के लिए सभी बीइओ व प्राइमरी स्कूलों के हेडमास्टरों से उनके विद्यालयों में नामांकित छात्रों की संख्या व वहां पोस्टेड शिक्षकों की सूची मांगी गयी है ताकि अतिरिक्त शिक्षकों का स्थानांतरण दूसरे स्कूलों में किया जा सके. शिक्षकों की सूची 14 नवंबर तक देनी होगी.