बौद्ध संगठन के प्रतिनिधियों ने अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य के साथ की बैठक
अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्रवीण दावर ने मांगों को लेकर पर्यटन मंत्रालय से संपर्क करने का दिया भरोसा
बोधगया : नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ बुद्धिष्ट ऑर्गेनाइजेशन नामक बौद्ध संगठन के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को स्थानीय इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्रवीण दावर के साथ बैठक कर बोधगया व महाबोधि मंदिर से जुड़ी समस्याओं को रखा. आयोग के सदस्य को कहा गया कि विगत सात जुलाई 2013 को महाबोधि मंदिर परिसर में बम ब्लास्ट के बाद यहां सीआइएसएफ के जवानों की तैनाती की जानी थी,
पर अब तक मंदिर परिसर बीएमपी के जवानों के हवाले है. श्री दावर को यह भी बताया गया कि बीएमपी के जवानों द्वारा अक्सर बौद्ध भिक्षुओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. इस पर ध्यान देने की जरूरत है. ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने बोधगया की महत्ता को देखते हुए बोधगया को स्मार्ट सिटी बनाने की मांग की व गया से बोधगया तक मेट्रो रेल शुरू कराने की दिशा में भी काम करने को कहा. ऑर्गेनाइजेशन के को-कन्वेनर भिक्खु प्रियपाल ने बताया कि बोधगया स्थित होटल व्यवसाय को प्रभावित करने का
आरोप बौद्ध मठों पर लगाया जा रहा है. इस बारे में भी आयोग के सदस्य को बताया गया. उन्होंने बताया कि बौद्ध मठों से होटलों को किस तरह नुकसान पहुंच रहा है, यह समझ से परे है. भिक्खु प्रियपाल ने बताया कि श्री दावर ने बोधगया को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर पर्यटन मंत्रालय से संपर्क करने का भरोसा दिया है. साथ ही अन्य मसलों पर भी सरकार से बातचीत करने की बात कही. बैठक में ऑर्गेनाइजेशन के सलाहकार प्रोफेसर सतपाल महाथेरा, ऑल इंडिया भिक्खु संघ के महासचिव भिक्खु प्रज्ञादीप, बुद्धिष्ट थाई भारत सोसाइटी से रत्नेश्वर चकमा, आनंद भंते व जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
