भतीजे के सर्टिफिकेट पर चाचा बने विकासमित्र

गया/मानपुर: फतेहपुर प्रखंड की नौडीहा-सुलतानपुर पंचायत में विकासमित्र पर काम कर रहे बालचंद मांझी ने नियुक्ति के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट का प्रयोग किया. आरोप है कि बालचंद ने नौकरी लेने के लिए उन्होंने अपने भतीजे जयराम कुमार भारती का मैट्रिक का प्रमाणपत्र लगाया व बालचंद मांझी से जयराम कुमार भारती बन बैठे. उन्होंने यह फर्जीवाड़ा […]

गया/मानपुर: फतेहपुर प्रखंड की नौडीहा-सुलतानपुर पंचायत में विकासमित्र पर काम कर रहे बालचंद मांझी ने नियुक्ति के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट का प्रयोग किया. आरोप है कि बालचंद ने नौकरी लेने के लिए उन्होंने अपने भतीजे जयराम कुमार भारती का मैट्रिक का प्रमाणपत्र लगाया व बालचंद मांझी से जयराम कुमार भारती बन बैठे. उन्होंने यह फर्जीवाड़ा 2010 में विकासमित्र पद पर बहाली के दौरान किया था.
इस बाबत बालचंद मांझी के भतीजे जयराम कुमार भारती ने जिलाधिकारी को पत्र देकर नौकरी रद्द करने व फर्जी प्रमाणपत्र का प्रयोग करने पर मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगायी है.
जयराम ने अपने सारे कागजात जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत भी किये. उसने बताया कि उसके पिता का नाम रघु भुइंया है. बालचंद मांझी उसके चाचा हैं. दादा का नाम चमारी मांझी है. उसके परिजन बखारी गांव में रहते हैं. जयराम ने बताया कि उसकी जन्मतिथि 14 अगस्त, 1991 है. वह मैट्रिक द्वितीय श्रेणी से पास हुआ था.
2010 में विकासमित्रों की बहाली के समय उसके चाचा धोखे से प्रमाणपत्र लेकर नौकरी पा गये. इधर, फतेहपुर बीडीओ चंद्रमा राम ने बताया कि वह मामले की जांच कर जिला कल्याण पदाधिकारी व सदर अनुमंडल पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंप चुके हैं.

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