मिड-डे मील प्रभावित होने पर लिया गया फैसला
तत्काल प्रभाव से प्रतिनियुक्ति का दिया गया आदेश
गया : जिले में बड़ी संख्या में एक ही शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हैं. इसका असर मिड-डे मिल पर पड़ रहा है. आये दिन उन स्कूलों में बच्चों को दोपहर में दिया जानेवाला भोजन नहीं परोसा जा रहा है. इस बात की शिकायत से आजिज होकर शिक्षा विभाग ने उन स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का निर्देश जारी किया है. विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गयी है.
उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 88 स्कूल हैं, जो एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं. खास बात यह है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है. ऐसा नहीं है कि विभाग की ओर से वहां दूसरे शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी है, पर शिक्षकों ने जुगाड़ लगा कर अपना स्थानांतरण मनमाफिक जगह पर करा लिया है. मसलन विभाग का स्थानांतरण व पोस्टिंग के मामले में कोईनियंत्रण नहीं है. इस वजह से यह समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है, जिसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ता है.
क्यों पड़ी प्रतिनियुक्ति की जरूरत : दरअसल, मध्याह्न भोजन के प्रति शिक्षा विभाग सजग हो गया है. बच्चों को दोपहर का भोजन परोसे जाने की सूचना हर एक स्कूल प्रभारी को आइवीआरएस (दोपहर) को दिये जाने की व्यवस्था की गयी है. मिड-डे मिल के बनाये जाने व परोसे जाने की सूचना हर दिन देनी होती है, लेकिन आइवीआरएस का कहना है कि जिले से बड़ी संख्या में स्कूलों में भोजन नहीं बनाये जाने की शिकायत मिल रही है.
जिन स्कूलों से शिकायत मिली है, वहां के शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय में एक ही शिक्षक हैं, जिस वजह से फलां दिन भोजन तैयार नहीं किया जा सका है. यह मसला जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में बीते 11 जुलाई को उठाया गया. मामले की गंभीरता को भांप जिलाधिकारी कुमार रवि ने शिक्षा विभाग को तत्काल प्रभाव से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी कर दिया.
इसके आधार पर अब शिक्षा विभाग उन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर शिक्षकों को भेजने के लिए तैयारी में जुट गया है. प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की कार्रवाई उन स्कूलों से शुरू होगी, जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है. डीपीओ डाॅ प्रियनंदन प्रसाद ने बताया कि प्रतिनियुक्ति संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. अगले सप्ताह तक बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनियुक्त कर दिये जायेंगे. साथ ही, इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जायेगी.
