आगे वट थाई बुद्ध विहार के अवलाेकन के बाद टीम का पड़ाव दाइजाेक्याे बुद्ध मंदिर व विशाल बुद्ध प्रतिमा का स्थल बना. यहीं प्रतिभागियाें के बीच बिहार विरासत विकास समिति द्वारा चयनित 10 प्रश्नाेत्तरी पर परिचर्चा की गयी. इसमें सारे सवाल बाेधगया व इसके इतिहास व संस्कृति पर ही आधारित रहा करता है. बारिश के बीच विरासत यात्रा से जुड़े लाेगाें का उत्साह बना रहा. ज्ञान-विज्ञान से जुड़ी यात्रा में प्राे नृपेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ माेतीलाल राम व स्थानीय बुद्धिजीवियाें के साथ युवा इतिहासकार डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’ भी माैजूद थे.
विरासत जानने व समझने के संकल्प के साथ विरासत यात्रा पूरी
गया: अपनी विरासत काे जानने, पहचाने व उसके प्रचार-प्रसार में याेगदान देने के संकल्पाें के साथ बाेधगया में रविवार काे विरासत यात्रा संपन्न हुई. सबसे पहले यहां महाबाेधि महाविहार व उसके सात प्रधान स्थल के दर्शन के बाद विरासत यात्रा की टाेली सचेन बुद्ध मठ पहुंची. इसके बाद विरासत यात्रा का अगला पड़ाव चीनी मंदिर […]

गया: अपनी विरासत काे जानने, पहचाने व उसके प्रचार-प्रसार में याेगदान देने के संकल्पाें के साथ बाेधगया में रविवार काे विरासत यात्रा संपन्न हुई. सबसे पहले यहां महाबाेधि महाविहार व उसके सात प्रधान स्थल के दर्शन के बाद विरासत यात्रा की टाेली सचेन बुद्ध मठ पहुंची. इसके बाद विरासत यात्रा का अगला पड़ाव चीनी मंदिर रहा.
हर बार नये मार्ग पर विरासत यात्रा
बाेधगया में फरवरी में हुई ट्रायल विरासत यात्रा के बाद पहली यात्रा महाबाेधि-ताराडीह व सुजातागढ़, दूसरी यात्रा महाबाेधि-बाेधगया मठ, निरंजना नदी व तीसरी यात्रा महाबाेधि महाविहार से 80 फुट बुद्ध मूर्ति तक हुई.