कागजात को जब्त कर शीघ्र जमीन खाली करने का निर्देश
गम्हरिया : वन विभाग की जमीन को अपनी जमीन बताकर गोकुल सरदार नामक भू-माफिया ने उसे 45 हजार रुपये में बेच दिया. मामला आसंगी मौजा के धीराजगंज (श्रीडुंगरी) का है. मामला तब सामने आया जब रविवार को अतिक्रमण होने की सूचना पाकर वन विभाग की टीम वनपाल दिलीप कुमार मिश्रा के नेतृत्व वहां पहुंची.
वन विभाग की जमीन पर बसे राम शरण श्रेष्ठ से जब पूछताछ की, तो उसने उक्त जमीन धीराजगंज निवासी गोकुल सरदार से 45 हजार रुपये में खरीदने की बात कही.इसके बदले उसने विभागीय अधिकारियों को जमीन क्रय से संबंधित कागजात भी दिखाया गया. पदाधिकारियों ने कागजात को जब्त करते हुए शीघ्र जमीन खाली करने का निर्देश राम शरण को दिया.
ये थे टीम में शामिल : वनपाल दिलीप मिश्रा, वनकर्मी अजय कुमार, दिलीप कुमार प्रधान, राजकुमार महतो, सुकरा उरांव, प्रेमलाल व लक्ष्मी गोप.
मजबूरी का हवाला देकर बेच दी वन विभाग की जमीन
श्री मिश्रा ने बताया कि जमीन खरीद-बिक्री से संबंधित जब्त कागजात फर्जी है. भू-माफिया द्वारा पैसों की आवश्यकता होने का हवाला देकर श्री श्रेष्ठ को वन विभाग की जमीन अपना कहकर बेच दिया गया. जमीन के कागजात (स्टंप पेपर) में उक्त बातें व बिक्री की गयी राशि का भी जिक्र किया गया है.
नेताओं के संरक्षण से बढ़ रहा मनोबल : मिश्रा:वनपाल श्री मिश्रा ने बताया कि नेताओं के संरक्षण की वजह से भू-माफियाओं का मनोबल बढ़ रहा है. जहां-जहां वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण हुए हैं.
विक्रेता. गोकुल सरदार, पिता शरत सरदार, ग्राम धीराजगंज, थाना आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां.
क्रेता. राम शरण श्रेष्ठ, पिता दंडलाल श्रेष्ठ, ग्राम धीराजगंज, थाना आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां.
गोकुल पर प्राथमिकी
वनपाल श्री मिश्रा ने बताया कि गोकुल सरदार द्वारा वन विभाग की जमीन को अपनी जमीन बताकर गलत तरीके से उसकी बिक्री की गयी है. इससे संबंधित प्रमाण को जब्त कर लिया गया है. साथ ही गोकुल के खिलाफ वन विभाग अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.वन विभाग की जमीन को अतिक्रमण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा.
