गया : कोंच के चिचौरा निवासी कर्ण सत्यार्थी ने यूपीएससी में नौवां रैंक लाकर गया सहित पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है. कर्ण ने आइआइटी खड़गपुर से बी-टेक किया है. इससे पहले भी उन्होंने इस परीक्षा के लिए एक और कोशिश की थी़.
लेकिन 19 मार्क्स से पीछे रह जाने के कारण सफलता हाथ नहीं लग पायी. कर्ण के दादा-दादी गया शहर के नूतननगर में रहते हैं. फिलहाल, झारखंड के सिंदरी में रहनेवाले कर्ण ने बताया कि वह दूसरी बार जब परीक्षा में बैठे, तो विश्वास था कि सौ तक रैंक हासिल हो जायेगा, लेकिन नौवां रैंक मिलेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी. कर्ण अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व बड़ी बहन को देना देते हैं, जिन्होंने पढ़ाई में हमेशा उनका साथ दिया. कर्ण के पिता प्रफुल्ल शर्मा बीआइटी, सिंदरी में सिविल ब्रांच में प्रोफेसर हैं.
उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 से वह इस संस्थान में कार्यरत हैं. कर्ण की मां तनुजा शर्मा हाउसवाइफ हैं. उन्होंने इस सफलता पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि अपने लाल की इस सफलता से दुनिया की सबसे बड़ी खुशी पा गयी हूं.
कर्ण ने बताया कि उन्होंने सिंदरी के डि-नोबिली स्कूल, डिगवाडीह से 10वीं तक की पढ़ाई की. 2009 में सिंदरी के लायंस पब्लिक स्कूल से 12वीं किया. स्नातक आइआइटी खड़गपुर से 2010 में प्रवेश पाया . उन्होंने बताया कि यूपीएससी ही नहीं, बल्कि ज्वाइंट इंट्रेंस के समय से ही उन्होंने कभी कोचिंग नहीं की. घर में ही रह कर नियमित पढ़ाई की. उन्होंने कहा कि ईमानदारी व मेहनत से की गयी पढ़ाई कभी खाली नहीं जाती. उन्होंने सच्चे व ईमानदार अधिकारी के रूप में काम करने की तमन्ना बतायी.
