‘प्रभात खबर’ ने इसकी सूचना डीएम कुमार रवि काे दी. डीएम ने तत्काल सक्रियता दिखायी आैर एसडीआे विकास कुमार जायसवाल, सीआे राम विनय शर्मा व मुफस्सिल व बुनियादगंज के थानाध्यक्ष काे भेज हर संभव उपाय कर उसे बाहर निकालने का निर्देश दिया. इस बीच अधिकारियाें से बात कर उन्हाेंने हाल जाना, फिर पटना में एनडीआरएफ की टीम काे भी सूचना दी.
इधर स्थानीय व प्रशासनिक स्तर पर उसे निकालने की काेशिश जारी रही. एनडीआरएफ की टीम पटना से गया के लिए रवाना भी हाे गयी. इसी बीच, रात करीब साढ़े नाै बजे चैनल लगा कर उसे निकाला गया. इस तरह करीब साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद युवक बाहर आया. एंबुलेंस के माध्यम से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. एनडीआरएफ की टीम काे युवक के निकल जाने की सूचना देकर गया आने से मना कर दिया गया. उधर, स्थिति काे देख पिंटू की पत्नी व बच्चे बेहाल थे. गाैरतलब है कि उस स्थान पर अंगरेजों के समय के तीन कुएं हैं, जिनके गड्ढे अब भी माैजूद हैं, पर ऊपर से मकान आदि बन गये हैं. जहां चापाकल के लिए गड्ढे खाेदे गये हैं, वह भी वहीं पर है. बगल में फल्गु नदी का तट भी है.
