एयरपोर्ट उड़ाने व इसके डायरेक्टर को जान से मारने का धमकी भरा पत्र भेजने के मामले को गृह मंत्रालय व नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा गंभीरता से लिये जाने के बाद गया पुलिस के भी होश उड़ गये हैं. अब इस मामले की साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन के लिए पुलिस के वरीय अधिकारियों ने नयी रणनीति बनायी है और गया पुलिस की एक टीम को दोबारा गिरिडीह भेजने का फैसला लिया है.
बोधगया: एयरपोर्ट उड़ाने व इसके डायरेक्टर को जान से मारने की धमकी भरा पत्र भेजने के मामले में गया जिले में 28 अप्रैल को होनेवाले पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान के बाद इंस्पेक्टर रैंक के एक पुलिस पदाधिकारी के साथ एसएसपी की गोपनीय शाखा में पोस्टेड टेक्निकल सेल के विशेषज्ञ दारोगाओं को झारखंड के गिरिडीह भेजा जायेगा. गिरिडीह जानेवाले पुलिस टीम को एसएसपी गरिमा मलिक व सिटी एसपी अवकाश कुमार ने करीब 10 बिंदुओं पर बारीकी से जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि मामले की जांच के लिए इससे पहले भी पुलिस की टीम गिरिडीह गयी थी.
गिरिडीह डाकघर से भेजा गया था धमकी भरा पत्र : गत 19 अप्रैल को एयरपोर्ट के डायरेक्टर दिलीप कुमार को धमकी भरा पत्र मिला था. मामले की छानबीन में जुटी पुलिस की टीम के सामने उस समय यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि पत्र को धमकी देनेवाले ने गिरिडीह के डाकघर के जरिये भेजा था या गया व आसपास के डाकघरों से, क्योंकि पत्र में धमकी देनेवाले ने 18 अप्रैल की तिथि अंकित की थी. हालांकि, इससे एक बात स्पष्ट हो रही थी कि धमकी देनेवाले 18 अप्रैल को पत्र लिखा था. लेकिन, पुलिस टीम ने अब इसका भी खुलासा कर लिया है. धमकी देनेवाले ने गिरिडीह डाकघर से ही पत्र भेजा था. सिटी एसपी अवकाश कुमार ने बताया कि धमकी भरे पत्र वाले लिफाफे पर दो डाकघरों के मुहर लगे थे. एक मुहर एयरपोर्ट परिसर स्थित डाकघर का था, तो दूसरा मुहर किस डाकघर का था, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था. जांच के दौरान में गिरिडीह डाकघर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दूसरा मुहर गिरिडीह डाकघर का ही है और उस पर 13 अप्रैल की मुहर लगी है. यानी गिरिडीह डाकघर से धमकी भरा पत्र 13 अप्रैल को निकला था. सिटी एसपी ने बताया कि अब भी कई और बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है.
झारखंड के गर्वनर हाउस को भी उड़ाने की मिल चुकी है धमकी
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि भाकपा-माओवादी संगठन के सदस्य के रूप में गिरिडीह के बरमसिया के रहनेवाले अंजनी कुमार सिन्हा, रवींद्र वर्मा व मंटू ने अपना परिचय देते हुए एयरपोर्ट पर धमकी भरा पत्र भेजा है. इन्हीं तीन नामों से झारखंड स्थित गवर्नर हाउस व विधानसभा सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी बिल्डिंगों को उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है. झारखंड पुलिस की टीम भी इन मामले की छानबीन कर रही है. जांच के दौरान पता चला है कि जिन नामों से धमकी दी जा रही है, उनके बीच गिरिडीह में जमीन विवाद का एक मामला चल रहा है. जमीन विवाद से जुड़े लोग अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए इन लोगों के नाम से जहां-तहां धमकी भरा पत्र भेज रहे हैं.
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स की ली जायेगी सहायता
एसएसपी ने बताया कि गया एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी भरे पत्र की लिखावट का मिलान उन लोगों की लिखावट से की जायेगी, जिनके नाम से धमकी दी गयी है. इसके लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स की सहायता ली जायेगी. हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट के बाद कई अन्य रहस्यों पर से पर्दा उठेगा. एसएसपी ने बताया कि गया पुलिस बारीकी से हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है, ताकि इसमें कोई निर्दोष नहीं फंस जाये.
