बोधगया : गया एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर गया से लेकर नयी दिल्ली तक सरगरमी बढ़ गयी है. गृह मंत्रालय, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, स्पेशल ब्रांच (नयी दिल्ली व बिहार), नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, सीआइएसएफ, एटीएस (बिहार) व गया जिला पुलिस के वरीय अधिकारी अपने-अपने स्तर से एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा गया एयरपोर्ट पर हमला होने की आशंका जताने के मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने इसकी सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एनएसजी (नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड) की टीम व नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के डीआइजी रैंक के अधिकारी ज्योति नारायण ने भेजा.
डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी की हुई तैनाती: नयी दिल्ली में पोस्टेड सीअाइएसएफ के वरीय अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर हमले की आशंका को भांपते हुए शुक्रवार को सीआइएसफ के डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी सीएल वर्मा सहित दो अधिकारियों की तैनाती की है. इससे पहले एयरपोर्ट पर सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी की ही तैनाती थी. इसके अलावा एयरपोर्ट पर सीआइएसएफ के 50 और जवानों की तैनाती का निर्णय लिया गया है. फिलहाल, एयरपोर्ट की सुरक्षा में सीआइएसएफ के करीब 165 जवान तैनात हैं.
बाहरी सुरक्षा में लगाये गये बीएमपी के जवान: मगध डीआइजी सौरभ कुमार के निर्देश पर शनिवार को एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा में बीएमपी के एक अधिकारी व चार जवानों की तैनाती की गयी है. हालांकि, एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा को लेकर गत 20 अप्रैल को हुई मीटिंग में निर्णय लिया गया था कि एयरपोर्ट परिसर में पुलिस ओपी खुलेगा और वहां एक दारोगा व चार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी. लेकिन, जिला पुलिस के वरीय अधिकारी पंचायत चुनाव को हवाला देते हुए फिलहाल ओपी खोलने में टालमटोल कर रहे थे. लेकिन, मगध डीआइजी ने इसे गंभीरता से लिया और बीएमपी के जवानों की तैनाती सुनिश्चित करायी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीएमपी के सभी जवान पंचायत चुनाव तक एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा में रहेंगे. उसके बाद पुलिस लाइन से जिला पुलिस के जवानों की तैनाती की जायेगी.
लावारिस बैग मिला, घंटों परेशान रहे सीआइएसएफ के अफसर: शुक्रवार की रात गश्ती के दौरान सीआइएसफ के जवानों ने एयरपोर्ट के मुख्य द्वार के सामने मैदान में एक बैग लावारिस रूप से पड़ा मिला. किसी अनहोनी की आशंका को भांपते हुए सीआइएसएफ के जवानों ने उक्त बैग के साथ छेड़छाड़ किये बगैर अधिकारियों को जानकारी दी. अधिकारियों की टीम, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे और लावारिस पड़े बैग की जांच की. अधिकारियों ने उस समय राहत महसूस की, जब जांच में बैग से कोई खतरनाक सामान नहीं मिले.
स्टेशन परिसर में दिन-रात हो रही जांच
गया जंकशन उड़ाने का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद इसकी सुरक्षा तो बढ़ा ही दी गयी है, साथ ही वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर डॉग स्क्वाड व रेल पुलिस की टीम पूरे जंकशन परिसर में सघन जांच अभियान भी चला रही है. इस दौरान शक के आधार पुलिस कई लोगों को पकड़ कर पूछताछ कर रही है और तसल्ली होने के बाद उन्हें छोड़ दे रही है. पुलिस पदाधिकारियों ने यात्रियों से संदिग्ध वस्तु को नहीं छूने की अपील की है. साथ ही किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर इसकी तुरंत सूचना देने को कहा है, ताकि समय पर सहायता की जा सके.
आरपीएफ व जीआरपी की बनी संयुक्त टीम
गया जंकशन को उड़ाने का धमकी भरा पत्र स्टेशन प्रबंधक को भेजे जाने के बाद आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारियों व जवानों की संयुक्त एक विशेष बैठक बुलायी गयी. बैठक में पदाधिकारी व जवानों की एक टीम गठित की गयी, जो लोगों पर लोगों पर नजर रखेगी और मामले की छानबीन भी करेगी. बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा के दौरान वरीय पदाधिकारियों ने रात में चेकिंग अभियान तेज करने का निर्देश दिया. मामले के तह तक पहुंचने के लिए विशेष प्लान भी बनायी गयी. प्लान के अनुसार ही गया जंकशन पर जवानों को चेकिंग का काम सौंपा गया है.
जंकशन परिसर में अब नहीं सो सकेंगे यात्री
रेल सूत्रों के अनुसार, अभी तक रात में यात्री ट्रेनों के लेट होने या समय से पहले पहुंचने पर जंकशन परिसर में ही सो जाते हैं. रेल थाने के आदेश के आलोक में अब यात्रियों को जंकशन परिसर में सोने से मना कर दिया गया है. अब यात्री जंकशन के बाहर रह कर ट्रेनों का इंतजार करेंगे और ट्रेनों के आने के समय से 30 मिनट पहले ही संबंधित प्लेटफॉर्मों पर आयेंगे. प्लेटफॉर्मों पर आने से पहले यात्रियों काे अपना सामान आरपीएफ व जीआरपी के जवानों से चेक कराना होगा.
रात में होगी विशेष चेकिंग
रेल थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि जंकशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर चेकिंग अभियान चलाया जायेगा. रात में भी विशेष चेकिंग की जायेगी, जिसमें दो पदाधिकारी व 10 जवान शामिल रहेंगे. यह टीम रात में जंकशन पर आने-जानेवाले लोगों पर नजर रखेगी. साथ ही उनके सामान की जांच भी की जायेगी. यह टीम शाम छह बजे से लेकर देर रात डेढ़ बजे तक काम करेगी.
ट्रेनों में भी सामान की जांच करेगा डॉग स्क्वाड
रेल सूत्रों के अनुसार, अब डॉग स्क्वाड ट्रेनों में यात्रियों के अटैची व बैग आदि सामान की जांच करेगा. इसके साथ जीआरपी की एक टीम भी होगी. ऐसा करने से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध वस्तुओं व लोगों को भी पकड़ा जा सकेगा. इसके अलावा डॉग स्क्वाड से जंकशन के बाहरी परिसर में भी जांच करायी जायेगी. साथ ही रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए रेल ट्रैक की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है.
जंकशन पर लगेज स्कैनर की जरूरत
गया जंकशन पर हर रोज हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है. सभी के सामान की जांच करना आरपीएफ व जीआरपी के जवानों के लिए संभव नहीं है. ऐसे में जंकशन पर लगेज स्कैनर लगाने की जरूरत बढ़ गयी है. इससे रेल पुलिस के जवानों को यात्रियों के सामान की जांच करने में सहूलियत होगी.
