गया: गरमी का मौसम आते ही लोगों को हल्के व सूती कपड़े भाने लगते हैं. ये कपड़े न सिर्फ शरीर के लिए आरामदायक हाेता है, बल्कि त्वचा को शुष्क होने व माैसम के प्रभाव से बचाते हैं. इसके साथ ही गरमी में कपड़ाें के रंग भी काफी मायने रखते हैं. लाेग सूती कपड़े के रंग का अधिक ख्याल रखते हैं. कुछ रंग न सिर्फ सूर्य की ऊष्मा से बचाते हैं, बल्कि तन-मन काे खुश रखने का एक माध्यम भी हैं.
मांग के हिसाब से बाजार भी ऐसे कपड़ाें से सज जाते हैं. हम बात कर रहे हैं गरमी में महिलाआें व लड़कियाें के परिधान की. परिधान के मामले में पुरुषाें की अपेक्षा लड़कियां व महिलाएं ज्यादा ‘चूज एंड यूज’ पसंद हाेती हैं. सूती कपड़ों के बारे में महिलाआें व लड़कियाें की अलग-अलग राय होती हैं.
गरमी में महिलाआें व लड़कियाें के साथ बड़े व बच्चाें के कपड़ाें पर ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है. कपड़ाें की डिजाइनाें पर भी ध्यान रखना पड़ता है. इस बार लड़कियां कैफ्री, जींस व टॉप्स ज्यादा पसंद कर रही हैं. इस लिहाज से उनका मेल ज्यादा रखा हूं.
अनिल कुमार, विमल स्टाेर, केपी राेड
कॉटन की साड़ियां, सलवार शूट, दुपट्टा के अलावा लड़कियाें के पसंद की लेगिंग्स व टॉप्स के अलावा अन्य लेडिज परिधान का मेल रखना पड़ता है. अभी ताे चूड़ीदार सलवार व जींस-टॉप्स ही ज्यादा पसंद किये जा रहे हैं. इनमें रंगाें का चयन भी मायने रखता है.
संजय, वी मार्ट
