नक्सली धमकी के बाद हरकत में अधिकारी, डायरेक्टर को मिलेगा गार्ड, एयरपोर्ट पर शीघ्र खुलेगा ओपी

बोधगया: डाक के जरिये भाकपा-माओवादी नक्सली संगठन के नाम से धमकी भरा पत्र मिलने पर एयरपोर्ट व डायरेक्टर दिलीप कुमार की सुरक्षा को लेकर सरगरमी तेज हो गयी है. मगध डीआइजी सौरभ कुमार व एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश पर बुधवार को एयरपोर्ट परिसर में पुलिस, केंद्रीय खुफिया ब्यूरो, इमिग्रेशन विभाग, सीआइएसएफ व एयरपोर्ट के […]

बोधगया: डाक के जरिये भाकपा-माओवादी नक्सली संगठन के नाम से धमकी भरा पत्र मिलने पर एयरपोर्ट व डायरेक्टर दिलीप कुमार की सुरक्षा को लेकर सरगरमी तेज हो गयी है. मगध डीआइजी सौरभ कुमार व एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश पर बुधवार को एयरपोर्ट परिसर में पुलिस, केंद्रीय खुफिया ब्यूरो, इमिग्रेशन विभाग, सीआइएसएफ व एयरपोर्ट के सीनियर अधिकारियों के बीच घंटों क्लोज डोर मीटिंग हुई. इसमें एयरपोर्ट पर शीघ्र ही ओपी (आउट पोस्ट) खोलने का निर्णय लिया गया. साथ ही, एयरपोर्ट डायरेक्टर की सुरक्षा को लेकर उन्हें बॉडीगार्ड उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गयी.
इसमें मौजूद केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सहायक डायरेक्टर एसपी श्रीवास्तव, सिटी एसपी अवकाश कुमार, सीआइएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पुष्पेंद्र सिंह राठौर व एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारियों के बीच सबसे अधिक इस बात पर मंथन हुई कि भाकपा-माओवादी नामक प्रतिबंधित नक्सली संगठन के नाम पर धमकी भरा पत्र भेजनेवाले की असली मंशा क्या है? पुलिस अधिकारियों ने धमकी भरे पत्र की लिखावट पर भी चर्चा की. नक्सल अभियान से जुड़े रहनेवाले पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भाकपा-माओवादी संगठन द्वारा धमकी भरा पत्र एेसे नहीं भेजा जाता है. माओवादी संगठन धमकी भरा पत्र लिखने में लाल व हरे रंग की स्याही का प्रयोग करते हैं. लेकिन, उक्त पत्र में इसका प्रयोग नहीं किया गया है. साथ ही, माओवादियों द्वारा धमकी एक संबंधित रैंक के नक्सली के नाम से दी जाती है. इस पत्र को देखने से प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि धमकी माओवादी द्वारा दी गयी है.
सीआइएसफ व डीएसपी को मिला होमवर्क : सिटी एसपी ने सीआइएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पुष्पेंदु सिंह राठौर को एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर और ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया. साथ ही, एयरपोर्ट परिसर में आनेवाले हर व्यक्ति व वाहनों की सघन जांच करने की बात कही. वाहनों के निचले हिस्से की जांच करने के लिए शीशायुक्त एक विशेष उपकरण का प्रयोग करने का निर्देश दिया. सिटी एसपी ने डीएसपी (विधि-व्यवस्था) सतीश कुमार को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट पर यथाशीघ्र ही ओपी खोलने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर 24 घंटे के अंदर पत्र भेेंजे.
रुपये की नहीं की गयी है डिमांड
सिटी एसपी ने बताया कि पत्र में रुपये की डिमांड नहीं की गयी है. उन्होंने बताया कि पत्र कहां से आया व किसके द्वारा डिलिवरी दी गयी है, सहित अन्य बातों पर जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि पत्र किस डाकघर से पोस्ट किया गया है, इसकी भी जांच की जा रही है. पत्र में गिरिडीह (झारखंड) का पता है, पत्र भेजने की तिथि 18 अप्रैल अंकित है. साथ ही, यह पत्र 19 अप्रैल को एयरपोर्ट पर पहुंच जाता है. यह कैसे संभव है.
सीमित है मेरा कामकाज : डायरेक्टर
धमकी भरा पत्र मिलने के मामले में एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बुधवार को बताया कि उनका कामकाज एयरपोर्ट परिसर तक ही सीमित है. एयरपोर्ट के बाहर हो रही अन्य गतिविधियों से उनका कोई सरोकार नहीं है. इस कारण धमकी मिलने पर उन्हें भी अजीब सा लग रह है. बिहार पुलिस व आइबी के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं.
गिरिडीह के तीन लोगों के बारे में की जा रही तहकीकात : सिटी एसपी
सिटी एसपी ने बताया कि एयरपोर्ट की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेवारी सीआइएसएफ के हवाले है. सीआइएसएफ की सुरक्षा से वह संतुष्ट हैं. धमकी भरा पत्र मिलने के बाद एयरपोर्ट में सुरक्षा को लेकर मीटिंग की गयी. एयरपोर्ट परिसर में ओपी खोलने पर सहमति बनायी गयी है. ओपी खोलने के लिए डायरेक्टर ने एक स्थान चिह्नित किया है. उसका भी जायजा लिया गया है. शीघ्र ही ओपी खोला जायेगा. साथ ही, धमकी भरे पत्र में माओवादी संगठन के सदस्य के रूप में अपना परिचय देनेवाले गिरिडीह के बरमसिया के रहनेवाले रवींद्र वर्मा, अंजनी कुमार सिंह व मंटू के बारे में पता लगाया जा रहा है. इधर, एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि उनकी सुरक्षा को लेकर एसएसपी गरिमा मलिक से बातचीत हुई है. बॉडीगार्ड उपलब्ध कराने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा जा रहा है.

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