बोधगया: बोधगया नगर पंचायत (नपं) अध्यक्ष पद पर प्रीति सिंह मंगलवार को दोबारा काबिज हो गयीं. राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर बोधगया नगर पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष पद के लिए हुई गुप्त वोटिंग में नगर पंचायत के 19 में से 11 सदस्यों ने प्रीति सिंह के पक्ष मत डाले, जबकि इस चुनाव मैदान में उतरी मनोरमा देवी के पक्ष में सिर्फ आठ सदस्यों ने ही मत डाले.
वोटों की गिनती के बाद चुनाव प्रेक्षक उपविकास आयुक्त (डीडीसी) संजीव कुमार व निर्वाची पदाधिकारी के रूप में मौजूद सदर एसडीओ विकास कुमार जायसवाल ने प्रीति सिंह को बोधगया नगर पंचायत के नये अध्यक्ष के रूप में घोषणा की व उन्हें प्रमाणपत्र सौंपा. साथ ही चुनाव प्रेक्षक श्री कुमार व नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों की मौजूदगी में सदर एसडीओ ने प्रीति सिंह को अध्यक्ष पद की शपथ दिलायी.
मतदान से पहले सदस्यों को दी गयी वोटिंग की ट्रेनिंग : निर्वाची पदाधिकारी सह सदर एसडीओ विकास कुमार जायसवाल ने मीडिया को बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के आलोक में वोटिंग करायी गयी. चुनाव से पहले नगर पंचायत के सदस्यों को नामांकन व मत डालने से संबंधित बिंदुओं पर ट्रेनिंग दी गयी. अध्यक्ष पद के लिए प्रीति सिंह व मनोरमा देवी ने नामांकन दाखिल किये. गुप्त मतदान के जरिये वोटिंग करायी गयी. मतदान में नगर पंचायत के 19 सदस्यों ने भाग लिया. मतों की गिनती के बाद पाया गया कि 19 में से 11 सदस्यों ने प्रीति सिंह के पक्ष में व आठ सदस्यों ने मनोरमा देवी के पक्ष में वोटिंग की है. मनोरमा देवी से अधिक वोट आने के कारण प्रीति सिंह को बोधगया नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए विजयी घोषित की गयी.
चौकस दिखे अफसर : डीएम कुमार रवि ने नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने का निर्देश दिया था. इस बाबत बोधगया इंस्पेक्टर नरेश कुमार स्वयं अपनी पुलिस टीम के साथ नगर पंचायत कार्यालय में डटे रहे. चुनाव को लेकर नामांकन होने के बाद डीडीसी को नगर पंचायत कार्यालय के बाहर किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका हुई, तो वह तुरंत वहां से निकले व आसपास का मुआयना किया. डीडीसी के हरकत में आते ही वहां मौजूद पुलिस पदाधिकारी भी चौकस हुए और कार्यालय के पास लगी भीड़ को दूर हटाया. साथ ही कार्यालय का मुख्य दरवाजा भी बंद कर दिया गया.
