कैश हैंडलिंग चार्ज बढ़ाने का चैंबर ने किया विरोध

गया : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज की दर में बढ़ोत्तरी किये जाने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने विराेध जताया है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव गोवर्धन प्रसाद वर्णवाल ने एक उदाहरण देते हुए बताया है कि अगर कोई व्यक्ति एसबीआइ के चालू या ऋण खाताें में ढाई लाख रुपये […]

गया : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज की दर में बढ़ोत्तरी किये जाने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने विराेध जताया है.

चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव गोवर्धन प्रसाद वर्णवाल ने एक उदाहरण देते हुए बताया है कि अगर कोई व्यक्ति एसबीआइ के चालू या ऋण खाताें में ढाई लाख रुपये जमा करता है, तो उस खातेदार को कैश हैंडलिंग चार्ज के रूप में 500 रुपये चुकाना पड़ रहा है. यह एसबीआइ की ज्यादती है.

उन्होंने बताया कि अन्य बैंकों में भी कैश हैंडलिंग चार्ज लगता है, लेकिन वह एसबीआइ की तुलना में काफी कम है. उन्होंने बताया कि एसबीआइ द्वारा चेक वापसी का चार्ज भी 550 रुपये है, जबकि दूसरे बैंकों में यह चार्ज मात्र 100 रुपये हैं. उन्होंने बताया कि एसबीआइ का डीजीएम कार्यालय पटना से स्थानांतरित कर भागलपुर कर दिया गया है. एसबीआइ के शीर्ष प्रबंधन द्वारा उठाये जा रहे एेसे निर्णयों का चैंबर ऑफ कॉमर्स विरोध करती है.

अब बालू खरीदना और

हाेगा महंगा : महासचिव गोवर्धन प्रसाद वर्णवाल ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने कपड़े, मिठाई व बालू पर वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसका भी चैंबर विरोध करती है. बालू घाटों की नीलामी के बाद बालू की रॉयल्टी में पहले से भी काफी वृद्धि हो चुकी है. अब वैट के वृद्धि होने से बालू खरीदना लोगों को और महंगा पड़ेगा. उन्होंने बताया कि कर बढ़ानेवाले निर्णय पर सरकार पुन: विचार कर उसे वापस ले.

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