श्री पाठक ने कहा है कि प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के गया आगमन पर गांधी मैदान में कई जगहों पर चहारदीवारी तोड़ कर रास्ता तैयार किया गया था, इनमें गेट लगाया जाना था. लेकिन, इस काम को भी अधूरा छोड़ दिया गया. अब हालात यह है कि इन खुले रास्तों से जानवर मैदान में प्रवेश कर गंदगी फैला रहे हैं. गांधी मैदान के अंदर फूलों के पौधे लगाये गये थे, उनकी भी देखभाल नहीं होती. इन जगहों पर सफाई भी नहीं करायी जाती है.
''गांधी मैदान में शराबियों व नशेड़ियों की मौज''
गया:गांधी मैदान असामाजिक तत्वों का अड्डा बना है. यहां हर वक्त शराबियों व नशेड़ियों की मौज रहती है. उनका खौफ इस कदर है कि शरीफ लोग इधर जाना भी नहीं चाहते. यह कहना है कि गैरसरकारी संगठन प्रतिज्ञा के संयोजक बृजनंदन पाठक का. इसकी शिकायत उन्होंने डीएम कुमार रवि से भी की है. उन्होंने पत्र […]

गया:गांधी मैदान असामाजिक तत्वों का अड्डा बना है. यहां हर वक्त शराबियों व नशेड़ियों की मौज रहती है. उनका खौफ इस कदर है कि शरीफ लोग इधर जाना भी नहीं चाहते. यह कहना है कि गैरसरकारी संगठन प्रतिज्ञा के संयोजक बृजनंदन पाठक का. इसकी शिकायत उन्होंने डीएम कुमार रवि से भी की है. उन्होंने पत्र लिख कर अपने विचारों से अवगत कराया है.
अतिक्रमण हटाने का भी काम रुका : श्री पाठक ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर जिला प्रशासन द्वारा किये गये खानापूर्ति पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद प्रशासन ने अनदेखी की है. प्रशासनिक अवमानना के खिलाफ भी न्यायालय में याचिका दायर की गयी है. उन्होंने कहा कि मैदान में गलत तरीके से कई सरकारी इमारतें तैयार कर ली गयी हैं, इनका न तो जमीन हस्तांतरण किया गया है और न ही किसी भी तरह का नक्शा स्वीकृत है.