नहीं थी सफाई, दवाएं भी मिलीं कम

नहीं थी सफाई, दवाएं भी मिलीं कम डीएम ने जेपीएन अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति का लिया जायजा : फ्लैग सभी प्रकार की दवा व 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश बदले जायेंगे लेबर रूम के पुराने टेबलसंवाददाता, गयाडीएम कुमार रवि ने शनिवार को जयप्रकाश नारायण (जेपीएन) अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति […]

नहीं थी सफाई, दवाएं भी मिलीं कम डीएम ने जेपीएन अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति का लिया जायजा : फ्लैग सभी प्रकार की दवा व 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश बदले जायेंगे लेबर रूम के पुराने टेबलसंवाददाता, गयाडीएम कुमार रवि ने शनिवार को जयप्रकाश नारायण (जेपीएन) अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में मरीजों व उनके परिजनों से जानकारी ली. बारी-बारी से सभी वार्डों, इमरजेंसी, ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, पैथो लैब, रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा का सेंट्रल स्टोर, लेबर रूम, आॅपरेशन थियेटर व महावीर ब्लड बैंक का निरीक्षण किया. डीएम ने अस्पताल में सभी दवाएं व रोस्टर के अनुसार 24 घंटे डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. अस्पताल व वार्डों की साफ-सफाई पर असंतोष जताते हुए बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा. दवा स्टोर में एंटीरैबीज वैक्सीन (एआरवी) व एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध पाया गया. हालांकि, पारासिटामोल, अलवेंडाजोल, एंपीसिलिन, क्लॉक्सासिलिन व सुपरसेंट कफ आदि सीरप नहीं था. उन्होंने सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सिविल सर्जन ऑफिस के पीछे बने विशाल भवन को रिन्यूवेट कराने की आवश्यकता जतायी. इसके लिए प्राक्कलन बनवाने का भी निर्देश दिया. लेबर रूम (प्रसव कक्ष) में लगाये गये पुराने टेबल बदलने का निर्देश दिया. शौचालय पर असंतोष जताते हुए उन्होंने इसे और भी बेहतर बनाने का आदेश दिया. सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मोहन पूर्वे के अवकाश पर रहने पर प्रभारी सिविल सर्जन सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ केके मिश्र को डीएम ने रोस्टर के अनुसार डॉक्टर व कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा. ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो. डॉक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए अस्पताल में लगायी गयी बायोमीटरिक मशीन के खराब रहने पर तत्काल उसे बदलने का निर्देश दिया. वार्ड में बेडों की संख्या कम पाये जाने पर बताया गया कि यह अस्पताल 62 बेडों का है. इसे 200 बेड का बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उन्होंने अस्पताल में डॉक्टर, स्टाफ व संसाधन की कमी की शिकायत सुनी.जेपीएन अस्पताल का निरीक्षण करने आये डीएम के समक्ष आशा व एंबुलेंस चालकों ने नारेबाजी की. विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सिविल सर्जन ऑफिस के समक्ष धरना देने पहुंचे थे. इसी दौरान डीएम आ पहुंचे. डीएम को देखते ही नारेबाजी करने लगे. हालांकि, मौके पर सिविल सर्जन उपस्थित नहीं थे.

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