आकाल मौत से बचे, तो गंभीर रोगनक्सलग्रसत इलाकों में नहीं हो रहा नियमित टीकाकरण : फ्लैग पीएचसी से भी नहीं मिल पा रहा कोई सहयोगसरकारी योजनाओं की नहीं मिल पाती सूचना भी नियमित टीकाकरण से वंचित हैं 26 गांवप्रतिनिधि, डुमरियाभदवर थाना क्षेत्र के नक्सलग्रस्त क्षेत्र पननवाटांड़, नबीगढ़, सिजुइंया, भाेकहा, बधबंधा व टेढी नदी आदि गांव के बच्चों को नियमित टीका नहीं मिल पा रहा है. इतना ही नहीं, इधर के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी तक भी नहीं मिल पा रही है, फायदा मिलना तो दूर की बात. नवजात बच्चों को समय से टीका नहीं मिलने के कारण वे या तो आकाल मौत के शिकार हो रहे हैं, या फिर गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं. ग्रामीण बालकेश सिंह भोक्ता, संजू यादव, रेखा कुमारी, विनोद सिंह भोक्ता व विष्णुदेव सिंह भोक्ता आदि ने बताया कि उनके बच्चों को नियमित व जरूरी टीका नहीं मिल पाता है. पीएचसी की हालत खुद ठीक नहीं है. वहां से कोई लाभ नहीं मिलता. बालकेश सिंह ने बताया कि लोगों को यह भी जानकारी नहीं हो पाती कि टीका लगवाने के लिए बच्चों को कहां लेकर जायें. उन्होंने बताया कि पोलियो उन्मूलन के लिए जब कोई अभियान चलता है, तभी बच्चों को पोलियो खुराक मिल पाती है. डब्ल्यूएचओ के मॉनीटर मोहम्मद जावेद ने बताया कि डुमरिया प्रखंड के अनरवन सलैया, बूढ़-बूढ़ी, गोपालडेरा, सबैयचवा, कचनार व बरवासोई सहित 26 गांवों में नियमित टीकाकरण नहीं किया जा रहा है. इन गांवों में टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य प्रबंधक ने कोई रूट चार्ट भी नहीं बनवाया है. डुमरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि यह क्षेत्र अतिसंवेदनशील है. नियमित टीकाकरण में दिक्कत हो रही है. इन क्षेत्रों में स्पेशल टीम भेज कर टीकाकरण किया जाता है. कुछ महीने पहले विशेष अभियान के तहत वहां के बच्चों को टीका लगाया गया है.
आकाल मौत से बचे, तो गंभीर रोग
आकाल मौत से बचे, तो गंभीर रोगनक्सलग्रसत इलाकों में नहीं हो रहा नियमित टीकाकरण : फ्लैग पीएचसी से भी नहीं मिल पा रहा कोई सहयोगसरकारी योजनाओं की नहीं मिल पाती सूचना भी नियमित टीकाकरण से वंचित हैं 26 गांवप्रतिनिधि, डुमरियाभदवर थाना क्षेत्र के नक्सलग्रस्त क्षेत्र पननवाटांड़, नबीगढ़, सिजुइंया, भाेकहा, बधबंधा व टेढी नदी आदि गांव […]
