अपने घर का आखिरी चिराग था सुजीत

गया : पुलिस कस्टडी में बेटे सुजीत की मौत के बाद पलामू के हुसैनाबाद थाने के ऊपरीखुर्द गांव के रहनेवाले विनय सिंह का आंगन सूना हो गया. सुजीत उनके घर का आखिरी चिराग था. घरवालों का आरोप है िक उसकी जान मगध मेडिकल थाने की पुलिस ने पीट-पीट कर ले ली. बेटे के गम में […]

गया : पुलिस कस्टडी में बेटे सुजीत की मौत के बाद पलामू के हुसैनाबाद थाने के ऊपरीखुर्द गांव के रहनेवाले विनय सिंह का आंगन सूना हो गया. सुजीत उनके घर का आखिरी चिराग था. घरवालों का आरोप है िक उसकी जान मगध मेडिकल थाने की पुलिस ने पीट-पीट कर ले ली.
बेटे के गम में डूबे विनय सिंह ने बताया कि अब वह कौन सा मुंह लेकर अपने घर जायेंगे,समझ नहीं पा रहे. इससे पहले वर्ष 2003 में उनके बड़े बेटे चंदन सिंह की मौत छतीसगढ़ में एक पावर प्लांट में हुई दुर्घटना में हो गयी थी. अब उनके दूसरे बेटे सुजीत सिंह की जान पुलिसवालों ने ले ली है. सुजीत उनके घर का अाखिरी चिराग था. उल्लेखनीय है िक िवनय िसंह के इन दोनों बेटों की शादी नहीं हुई थी.
बीमार मामा के कारण ननिहाल में रहता था सुजीत: परिजनों ने बताया कि सुजीत अपने ननिहाल मगध मेडिकल थाने के कलेर गांव में रहता था. उसके नाना की मौत हो चुकी है. उसके तीन मामा हैं, राजकिशोर सिंह, किशोरी सिंह व श्याम किशोर सिंह. तीनों का परिवार अलग-अलग रहता है.
सबसे छोटे मामा श्याम किशोर सिंह की मानसिक स्थिति खराब रहने के कारण सुजीत उनके घर में ही रहता था. वर्ष 2013 में कलेर गांव के ही निप्पू सिंह व उसके मामा के बीच किसी मामले में मारपीट हुई थी, जिसमें सुजीत ने बीच-बचाव किया था. लेकिन, दूसरे पक्ष ने सुजीत पर भी एफआइआर दर्ज करा दी थी. इसी मामले में कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी. उसके विरुद्ध गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >