भूखे मरने के कगार पर मजदूर

भूखे मरने के कगार पर मजदूर फोटो मानपुर 11 दिसंबर 03 कैप्सन कारखाना के अंदर पड़ा सन्नाटा.फ्लैग — गतिरोध जारी. विवाद के कारण एक माह से दया स्लीपर कारखाना बंद दुर्गा पूजा के दौरान वेतन व बोनस समय पर नहीं मिलने को लेकर हुआ था विवादपहले भी प्रबंधन व मजदूरों के विवाद में बंद हो […]

भूखे मरने के कगार पर मजदूर फोटो मानपुर 11 दिसंबर 03 कैप्सन कारखाना के अंदर पड़ा सन्नाटा.फ्लैग — गतिरोध जारी. विवाद के कारण एक माह से दया स्लीपर कारखाना बंद दुर्गा पूजा के दौरान वेतन व बोनस समय पर नहीं मिलने को लेकर हुआ था विवादपहले भी प्रबंधन व मजदूरों के विवाद में बंद हो चुकी है एक स्लीपर फैक्टरी प्रतिनिधि, मानपुरमजदूरों व कंपनी प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद के कारण दया इंजीनियरिंग स्लीपर फैक्टरी (पाटिल ग्रुप) एक माह से बंद है. कारखाना बंद होने के कारण मजदूरों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गयी है. वहीं, कंपनी को लाखों का नुकसान हो रहा है. गौरतलब है कि मानपुर में पहले भी संजय सहाय द्वारा चलाया जा रहा स्लीपर कारखाना मजदूर व प्रबंधन के बीच विवाद के कारण बंद हो चुका है. गौरतलब है कि दया इंजीनियरिंग स्लीपर फैक्टरी में करीब एक हजार मजदूर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. इस साल दुर्गा पूजा के दौरान वेतन व बोनस समय पर नहीं मिलने पर गत 20 अक्तूबर को कंपनी प्रबंधक व मजदूरों के बीच नोक-झोंक व मारपीट हो गयी थी. इसके बाद 28 अक्तूबर को कंपनी प्रबंधक ने दर्जनों मजदूरों को नामजद आरोपित बनाते हुए मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. 29 अक्तूबर को एएसपी बलीराम चौधरी ने मजदूरों व कंपनी प्रबंधक से विवाद के बारे में जानकारी हासिल की थी. इसके बाद मजदूरों काम पर आते हैं और औपचारिक हाजिरी बना कर घर चले जाते है. कारखाना बंद होने से सरकारी कामकाज के टेंडर पर भी असर पड़ रहा है. हालांकि, श्रमिकों ने यूनियन व श्रम विभाग को वार्ता के लिए पत्र लिख कर अपने हक व अधिकार की फरियाद लगायी है, लेकिन मामला फंसा हुआ है

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