गया . नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए गुरुवार को हुई बैठक पर पार्षद शशि किशोर शिशु ने सवाल खड़ा कर दिया है. पार्षद ने कहा है कि समझौता वार्ता के दौरान केवल एक पक्ष की बातों को ही सुना गया. उनका पक्ष जाने बिना ही उन्हें आखिर कैसे दोषी ठहराया गया.
पार्षद ने कहा कि उस बैठक में उन्हें भी बुलाया जाना चाहिए था. पार्षद ने कहा कि उन्हें नगर निगम कार्यालय से उस बैठक से संबंधित पत्र मिला है. इसमें उन्हें ही दोषी ठहराया गया है. पार्षद ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत निर्णय लिया गया है. बिना आरोप सिद्ध हुए किसी को भी कैसे दोषी ठहरा दिया गया.
जांच हो, दोषी हुआ, तो दूंगा इस्तीफा : पार्षद शिशु ने कर्मचारी के साथ हुए विवाद के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह जिले के तमाम वरीय पदाधिकारियों से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि जांच के बाद अगर वह दोषी पाये गये, तो स्वयं पार्षद पद से इस्तीफा दे देंगे. पार्षद ने कहा कि इस मामले में उन्हें जबरदस्ती दोषी ठहरा कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश हुई है. वह अपने वकीलों से संपर्क में है, कोर्ट भी जा सकते हैं.
