कार्रवाई नहीं, दो में से एक पद से इस्तीफा देने का आदेश

कार्रवाई नहीं, दो में से एक पद से इस्तीफा देने का आदेश प्रभात इंपैक्टमामला चार व्यक्तियों के दो पदों पर रहते हुए वेतन मानदेय उठाने का संवाददाता, गयाजिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) के संरक्षण में चार व्यक्ति एक साथ दो-दो पद पर कार्यरत रहकर नियमित रूप से मानदेय लेते रहे. जांच में चारों पर आरोप भी […]

कार्रवाई नहीं, दो में से एक पद से इस्तीफा देने का आदेश प्रभात इंपैक्टमामला चार व्यक्तियों के दो पदों पर रहते हुए वेतन मानदेय उठाने का संवाददाता, गयाजिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) के संरक्षण में चार व्यक्ति एक साथ दो-दो पद पर कार्यरत रहकर नियमित रूप से मानदेय लेते रहे. जांच में चारों पर आरोप भी सिद्ध हो गया है, लेकिन कड़ी कार्रवाई करने की बजाय चारों को किसी एक पद से इस्तीफा देने को कहा गया है. साथ ही, इस्तीफे की छाया प्रति भी मांगी गयी है.गौरतलब है कि इस मामले का भंडाफोड़ करते हुए प्रभात खबर में 28 नवंबर के अंक में ‘व्यक्ति एक व पद दो, दो-दो जगहों से मानदेय! ‘ शीर्षक से प्रमुखता से छापी गयी थी. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) सुनैना कुमारी ने वित्तीय अनियमितता का मामला बताते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी. वहीं, 28 नवंबर को 20 सूत्री जिला कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष मुनेश्वर सिंह ने संज्ञान लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) को पत्र लिख कर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया था. जांच के बाद मामले को सही बताते हुए डीपीओ ने दो पदों पर कार्यरत चारों व्यक्तियों को एक पद से तीन दिनों के अंदर इस्तीफा देकर हस्ताक्षरित छाया प्रति जमा करने को कहा है. 2011 में हुई थी प्रेरक व केआरपी की बहालीजानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत 2011 में जिले के सभी प्रखंडों में प्रेरक व मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना के तहत केआरपी (की रिसोर्स पर्सन) की बहाली की गयी थी. इस दौरान चार प्रखंडों में एक ही व्यक्ति इन दोनों पद कार्यरत हो गये. इनमें आमस में मोहम्मद नासिर प्रेरक व केआरपी, बेलागंज में प्रवीण कुमार प्रेरक व केआरपी, संतोष संगम शेरघाटी में प्रेरक व डुमरिया में केआरपी और मोहनपुर में नवीन कुमार प्रेरक व केआरपी पद पर कार्यरत हैं. पांच माह पहले इसकी जानकारी मिलने पर डीइओ ऑफिस ने कार्रवाई के नाम पर चारों व्यक्तियों से महज स्पष्टीकरण मांग कर अपना पल्ला झाड़ लिया. इस मामले में जून 2015 में छात्र समागम ने भी डीएम को पत्र लिख कर जांच की मांग की थी. डीपीओ ने नहीं दी मामले की जानकारी एक व्यक्ति के दो पदों पर कार्यरत होने व दोनों पदों से वेतन लेने के मामले की जानकारी डीपीओ (साक्षरता) द्वारा नहीं दी गयी है. वित्तीय अनियमितता bl मामले की जांच करायी जायेगी. इसके लिए डीपीओ से जानकारी मांगी जा रही है. मनोरंजन प्रसाद ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, गया.

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