नहीं रहा नक्सलियों के नापाक मंसूबों को ध्वस्त करनेवाला ''गोलू ऑफ नयना''

गया : सीआरपीएफ 159 बटालियन की ओर से चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में मुख्य सहयोगी रहा डॉग गोलू की मौत शनिवार को हो गयी. सीआरपीएफ कैंप में गोलू को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आॅफ ऑनर कर श्रद्धांजलि दी गयी. सीआरपीएफ में ‘गोलू आॅफ नयना’ के नाम से पहचाने जाने वाले इस डाॅग […]

गया : सीआरपीएफ 159 बटालियन की ओर से चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में मुख्य सहयोगी रहा डॉग गोलू की मौत शनिवार को हो गयी. सीआरपीएफ कैंप में गोलू को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आॅफ ऑनर कर श्रद्धांजलि दी गयी. सीआरपीएफ में ‘गोलू आॅफ नयना’ के नाम से पहचाने जाने वाले इस डाॅग को शहीद का दर्जा दिया गया. गोलू सीआरपीएफ 159 बटालियन की डोभी कंपनी में नियुक्त था.

वह पिछले महीने से ही बीमार था. उसका इलाज डोभी और गया के वेटनरी अस्पताल में कराया जा रहा था. इसी क्रम में शनिवार की सुबह पांच बजे उसकी तबीयत अधिक खराब हो गयी. बेहतर इलाज के लिए उसे पटना वेटनरी काॅलेज रेफर किया गया. पटना जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी. गार्ड आॅफ आॅनर में सीआरपीएफ कमांडेंट निशीत कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी अवधेश कुमार व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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