गया : ग्राम पंचायत स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समिति (बीएमसी) का गठन किया जाना है. इसके लिए 27 दिसंबर काे सभी ग्राम पंचायताें, पंचायत समिति व जिला पर्षद में बिहार जैव विविधता नियमावली 2017 के नियम-25 के अनुपालन में जैव विविधता समिति का गठन किया जाना है.
इस संबंध में डीएम अभिषेक सिंह ने जिले के सभी ग्रामं पंचायताें के मुखिया, पंचायत समिति, जिला पर्षद, नगर व स्थानीय निकाय में पत्र भेजकर हर हाल में 27 दिसंबर काे बैठक कर समिति का चयन कर भेजने की हिदायत दी है.
उन्हाेंने निर्देशित किया है कि जिस किसी स्तर पर लापरवाही बरती गयी, ताे उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी, चूंकि चयनित समिति की सूची 28 दिसंबर काे विभाग व बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद, पटना काे भेजा जाना है.
समिति में एक अध्यक्ष के साथ छह सदस्य हाेंगे : पत्र में बताया गया है कि प्रत्येक स्थानीय निकाय अपने अधिकार क्षेत्र के अंदर आनेवाले निवासियाें काे सम्मिलित करते हुए एक जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन करेगा. समिति का कार्यकाल स्थानीय निकायाें के कार्यकाल के समरूप हाेगा. जैव विविधता प्रबंधन समितियाें में एक अध्यक्ष व स्थानीय निकायाें द्वारा नामित अधिकतम छह सदस्य हाेंगे.
इनमें कम से कम दाे महिलाएं, एक सदस्य अनुसूचित जाति/जनजाति का हाेगा. समिति के सदस्याें में से अध्यक्ष निर्वाचित किया जायेगा. मताें के बराबर रहने की स्थिति में स्थानीय निकाय के अध्यक्ष का मत निर्णायक हाेगा.
विभिन्न स्तराें पर गठित जैव विविधता समितियाें के सदस्य सचिव स्थानीय निकायाें के निम्नलिखित पदाधिकारी हाेंगे. ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, पंचायत समिति में प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पर्षद में जिला पर्षद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी व नगर निकाय में संबंधित नगर निकाय के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हाेंगे.
ये हाेंगे मुख्य काम
समिति का मुख्य काम स्थानीय लाेगाें के परामर्श से जन जैव विविधिता रजिस्टर तैयार करना है. इसमें जैव संसाधनाें की उपलब्धता, उनके ज्ञान, उनके आैषधीय व अन्य उपयाेग या उनसे संबंधित काेई अन्य पारंपरिक ज्ञान से संबंधित जानकारी देनी हाेगी. राज्य जैव विविधता पर्षद द्वारा निर्दिष्ट किसी भी मामले पर अनुमाेदनार्थ सलाह देना या जैविक स्त्राेताें का उपयाेग करनेवाले स्थानीय वैद्याें व चिकित्सकाें से संबंधित आंकड़ा तैयार करना है.
