जैन मुनियों को अभी बहुत दिनों तक नाला रुलायेगा

भागलपुर : वार्ड 12 स्थित 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य की पंचकल्याणक भूमि जैन सिद्धक्षेत्र, कबीरपुर में फिर एक बार देशभर के जैन मुनि व साध्वी पधार रहे हैं. नाला निर्माण और पानी निकासी मामले को लेकर न्यायालय में जीत मिल चुकी, लेकिन फिर एक बार नगर निगम टेंडर के खेल में फंस गया. जैन मंदिर के […]

भागलपुर : वार्ड 12 स्थित 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य की पंचकल्याणक भूमि जैन सिद्धक्षेत्र, कबीरपुर में फिर एक बार देशभर के जैन मुनि व साध्वी पधार रहे हैं. नाला निर्माण और पानी निकासी मामले को लेकर न्यायालय में जीत मिल चुकी, लेकिन फिर एक बार नगर निगम टेंडर के खेल में फंस गया. जैन मंदिर के सामने अब भी नाला व जलजमाव की पहले सी स्थिति है. ऐसे में जैन श्रद्धालुओं व संतों की परेशानी कम नहीं होने वाली है.

दो बार लौट चुका है जैन संतों का जत्था

भागलपुरवासियों के लिए दुर्भाग्य है कि दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र, चंपापुर से दो बार संतों का जत्था चातुर्मास करने की बजाय यहां से लौट चुका है. पांच जुलाई को महाराष्ट्र व असम से दो-दो संत ससंघ पहुंचे थे, ताकि चतुर्मास में श्रद्धालुओं को आशीर्वचन का लाभ दे सकें. यहां की अव्यवस्था को देख कर लौट गये थे. एक वर्ष पहले भी संतों का जत्था बिना ठहरे लौट गया था.

तीन वर्ष पहले आये थे नगर विकास मंत्री, 2.40 करोड़ से बनना है नाला

नगर विकास मंत्री के यहां आये तीन वर्ष पूरा हो चुका है. उनके द्वारा बढ़ाया गया काम सफल नहीं हुआ और निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया का मामला न्यायालय में फंस गया था. जब न्यायालय से नाला निर्माण को हरी झंडी मिल गयी, तो अब फिर एक बार टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है. अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनायी गयी और अब तक सड़क पर जलजमाव होकर तालाब का रूप लिये हुए है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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