दो थानों के बीच फंस गया रंजीत हत्याकांड का मामला

गया : सराय रोड के रंजीत प्रसाद हत्याकांड की गुत्थी दो थानों के बीच फंस कर रह गयी है. गौरतलब है कि पहले इस मामले में जीआरपी थाने में यूडी केस दर्ज हुआ. बाद में कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिजनों का बयान लिया. परिजनों का कहना है कि रोड जाम के दिन कोतवाली के थानाध्यक्ष […]

गया : सराय रोड के रंजीत प्रसाद हत्याकांड की गुत्थी दो थानों के बीच फंस कर रह गयी है. गौरतलब है कि पहले इस मामले में जीआरपी थाने में यूडी केस दर्ज हुआ. बाद में कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिजनों का बयान लिया. परिजनों का कहना है कि रोड जाम के दिन कोतवाली के थानाध्यक्ष ने बयान लिया. बयान में पांच पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया.

एक आरोपित को पकड़ कर थाने को सौंपा भी गया. लेकिन, एक दिन थाने में रखने के बाद पुलिस ने ‘मैनेज’ कर छोड़ दिया. इधर, मृतक की पत्नी सुलेखा देवी ने बताया कि उसके द्वारा आरोपित बनाये गये महिला व पुरुष पर कार्रवाई नहीं की गयी. आरोपित पूरे परिवार को समाप्त करने की धमकी दे रहे हैं. इतना ही नहीं अब यहां रहना भी मुश्किल हो रहा है.
यह कहना है पुलिस अधिकारी का : कोतवाली थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि रोड जाम के वक्त मृतक के परिजनों ने यूपी के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर थाने के बसका गांव की रहनेवाली मोनी खातून, सोनी खातून, बिंदिया खातून, डिंपल खातून व सिंपल खातून सभी के पिता रमानी खातून को आरोपित बनाया था. उनके फर्द बयान को जीआरपी भेज दिया गया. एक आरोपित को पकड़ कर कोतवाली को सौंपा था. जीआरपी थाने ने फर्द बयान मेंसन करने से इन्कार कर दिया.
इस कारण आरोपित को बाउंड लेकर छोड़ना पड़ा. पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस पर लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है. इधर, रेल थानाध्यक्ष कमल किशोर सिंह ने बताया कि लाश बरामदगी के मामले में यूडी केस ही दर्ज किया गया है. किसी थाने से उनके यहां फर्द बयान या फिर गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >