ड्राइवर की हत्या के विरोध में स्टेशन रोड जाम, ऑटो ठप

गया : शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नादरागंज मुहल्ले में रविवार की देर रात यात्री लेकर जा रहे ऑटो चालक जनता कॉलोनी के रहनेवाले रवि कुमार की गोली मार कर की गयी हत्या के विरोध में सोमवार को परिजन व बेरोजगार ऑटो चालक संघ ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शव के साथ स्टेशन […]

गया : शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नादरागंज मुहल्ले में रविवार की देर रात यात्री लेकर जा रहे ऑटो चालक जनता कॉलोनी के रहनेवाले रवि कुमार की गोली मार कर की गयी हत्या के विरोध में सोमवार को परिजन व बेरोजगार ऑटो चालक संघ ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शव के साथ स्टेशन के पास सड़क को जाम कर दिया. पोस्टमार्टम कर शव मिलते ही बड़ी संख्या में ऑटो ड्राइवर पहुंच कर अपने साथी की मौत पर इंसाफ की मांग करने लगे.

आक्रोशित लोगों का कहना था कि रात में अब शहर में चलना मुश्किल हो गया है. अपराधी खुलेआम हत्या कर फरार हो जा रहे हैं. पुलिस की चुस्ती सिर्फ ऑटो चालकों को तंग करने में दिखती है. इधर, स्टेशन पर रोड जाम के कारण सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी.
जाम की सूचना पर सिटी डीएसपी राजकुमार साह, डीएसपी रंजीत कुमार रजक, सिविल लाइंस थानाध्यक्ष उदय कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष संजय कुमार व डेल्हा थानाध्यक्ष अरुण कुमार मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन, अपराधियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग पूरी नहीं होने तक कोई जाम हटाने को तैयार नहीं थे. सिटी डीएसपी के पहुंचते ही लोग उग्र हो गये.
लेकिन, किसी तरह मामले को शांत किया गया. डीएसपी ने वरीय अधिकारियों से बात कर पारिवारिक लाभ योजना का चेक पीड़ित परिवार को दिया व इसके साथ श्रम संसाधन विभाग से भी मृतक को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. सिटी डीएसपी ने कहा कि अपराधियों को चिह्नित कर जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इसके बाद लोगों ने जाम को हटाया.
अपराधियों की हो गयी है पहचान
एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा कि नादरागंज में गोली मार कर ऑटो ड्राइवर की हत्या के मामले में अपराधियों की पहचान कर ली गयी है. बहुत अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिले हैं. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जायेगा.
अब परिवार को कौन पालेगा बाबू
मृतक के पिता विजय प्रसाद ने बताया कि उनके होनहार बेटे को अपराधियों ने मौत के घाट उतार दिया. पूरे परिवार के सामने यह चिंता है कि बेटे की गैरहाजिरी में परिवार का लालन-पालन कैसे होगा. उनका बेटा दिन में नाजरथ स्कूल में बच्चों को लाने व ले जाने का काम करता था. उसके बाद रात में यात्रियों के लिए स्टेशन से ऑटो चलाने का काम करता था. उन्होंने बताया कि काम से उसके पास फालतू काम के लिए फुर्सत ही नहीं होती थी.
उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी. उसकी शादी भी छोटकी नवादा में तय की गयी थी. शादी कुछ माह बाद होनी थी. इधर, मौत की खबर पाकर मां उषा देवी, बहन रानी कुमारी व छोटा भाई विशाल का रो-रोकर हाल बुरा था. किसी को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनके यहां का लाल अब नहीं है.

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