गया : मगध मेडिकल अस्पताल में शवों का एक दिन भी सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है. इस व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीरता नहीं है. जिम्मेदार कर्मचारियों के लिए लापरवाही बरतना यहां आम बात है. हालात यह है कि अगर शव को दो-तीन दिन तक सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ती है, तो शव को ऐसे ही रख दिया जाता है.
एक दिन बाद शव से दुर्गंध इतनी आने लगती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है.
इसकी वजह यह है कि यहां पर लगे एसी खराब हैं. यहां हर रोज कई लावारिस लाशें पोस्टमार्टम के लिए आती हैं. जिनको 72 घंटे तक सुरक्षित रखना जरूरी.
सामान का रखरखाव करनेवाला नहीं
मगध मेडिकल में सामान के रखरखाव का नियंत्रण किसी के पास नहीं है. अस्पताल में जरूरत पड़ने पर कहीं भी कोई कुछ भी करवा लेता है. किसी की नजर नहीं पड़ी या फिर जानकारी भी होने पर उससे बवाल नहीं होनेवाला है, तो कोई ध्यान ही नहीं देता. इस कारण से ही शव गृह के अलावा कई जगहों पर एसी खराब है.
संस्था की ओर से दिये गये बाॅक्स की देखरेख नहीं
मगध मेडिकल अस्पताल में शव को एक दिन से अधिक रखने में हो रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए इनरव्हील क्लब गया ने 28 जून को मर्चरीबॉक्स फ्रीजर दिया था. जिसको इमरजेंसी के पास रखा गया है, यहीं पर झाड़ू व अन्य कचरा भी रखा जाता है. बॉक्स के ऊपर ही यहां कर्मचारी झाड़ू आदि रख देते हैं.
क्या कहते हैं अधीक्षक
अस्पताल अधीक्षक विजय कृष्ण प्रसाद कहते हैं कि एसी खराब होने व शव गृह पुराना होने के कारण यहां नयी व्यवस्था की जा रही है. जल्द ही बिजली कनेक्शन जोड़ कर शव गृह को चालू कर दिया जायेगा. संस्था द्वारा दिये गये शव बॉक्स को भी व्यवस्थित जगह पर लगाया जा रहा है. दो दिनों में सारी व्यवस्था सुदृढ़ हो जायेगी.
विजय कृष्ण प्रसाद, अस्पताल अधीक्षक
