गया : शहर में खराब बिजली व्यवस्था की जानकारी डीएम द्वारा एसबीपीडीसीएल के एमडी को दिये जाने के बाद गुरुवार को एसबीपीडीसीएल पटना मुख्यालय से दो सदस्यीय टीम गया पहुंची. इस टीम में एसबीपीडीसीएल के चीफ इंजीनियर मुर्तजा हेलाल व एसबीपीडीसीएल के एमडी के ओएसडी प्रतीक थे.
जानकारी के मुताबिक, पदाधिकारियों ने शहर के कई पावर सब स्टेशन का दौरा किया और वहां की व्यवस्था देखी. इसके बाद उन्होंने गया में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान शहर की बिजली व्यवस्था कैसे बेहतर की जा सके, इस पर घंटों मंथन किया गया.
सूत्राें से मिली खबर के मुताबिक बैठक में तय हुआ कि शहर में 33 हजार डिस्ट्रीब्यूशन को चार फेज में बांटा जायेगा. इससे यह लाभ होगा कि किसी एक जगह पर खराबी होने पर पूरे शहर को शट डाउन करने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा दो से चार दिनों के अंदर एपी काॅलोनी ग्रिड के डिस्ट्रीब्यूशन का काम कर लेने को कहा गया और आगे का विभाजन केबलिंग कर तेजी से काम खत्म कर देना. इससे पावर हाउस पर बोझ कम हो जायेगा. अधिकारियों ने जहां तार की टूटने की समस्या है,वहां जल्द केबलिंग करने को कहा.
शहर में बने पावर सब स्टेशन का लोड कम करने के लिए खटकाचक,डेल्हा व रेलवे मैदान में नये पावर सब स्टेशन बनाये जायेंगे. पदाधिकारियों ने डीएम से मिल कर इस विषय से अवगत कराया. अधिकारियों ने कहा कि हर हाल में शहर की बिजली आपूर्ति बेहतर करने को कहा है. अधिकारियों ने कहा कि छोटे-छोटे फाॅल्ट की वजह से लंबे पावर कट की समस्या नहीं होनी चाहिए.यह सुनिश्चित करना होगा.
दो जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति
एसबीपीडीसीएल के अधिकारियों ने शहर में काम कर रही टीम की मदद के लिए दो जूनियर इंजीनियर सुमन कुमार व सुजीत कुमार को गया में भेजा है. सुमन बांका में थे, उन्हें गया चांदचौरा सब डिविजन में नियुक्त किया गया है जबकि सुजीत कुमार बांकीपुर में थे. उन्हें दंडीबाग सब स्टेशन में नियुक्त किया गया.
ये दोनों गया में काम कर रही सिस्टम को सपोर्ट करेंगे, ताकि शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारा जाये. गौरतलब है कि शहर में लंबे समय से बिजली सप्लाइ की स्थिति खराब है. इसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी है. प्रभात ने लोगों की बिजली को लेकर समस्या को अभियान के तौर पर प्रकाशित किया.
इसे डीएम अभिषेक सिंह ने भी गंभीरता से लिया और एसबीपीडीसीएल के एमडी को शहर की स्थिति से अवगत कराया. इधर,जदयू नगर निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता चंदन कुमार यादव ने भी खराब सप्लाइ की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ईमेल के माध्यम से दी थी. सीएम ने चंदन यादव की जानकारी को ऊर्जा विभाग के साथ साझा किया.
गया : सावन महीने में अ गर आप गंगोत्री जाकर गंगा जल नहीं ला पा रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. अपने शहर में ही गंगोत्री का जल प्रधान डाकघर से 30 रुपये में ले सकते हैं. सावन के मद्देनजर गया शहर के सभी डाकघरों में इसके लिए विशेष काउंटर भी खोले गये हैं.
पिछले साल यहां हरिद्वार का गंगा जल मुहैया कराया गया था. इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगोत्री का जल आया है. डाकघरों में अब चिट्ठी बांटने, खातों में जमा-निकासी के साथ ही कई तरह की सामाजिक परंपराओं को जीवंत रखने के लिए योजनाएं चल रही हैं.
इसमें सीएफएल, पंखा वितरण, खुद की तस्वीर के साथ डाक टिकट बनवाना आदि शामिल है. इसके अलावा सावन पर श्रद्धालुओं को यहां गंगा जल भी मुहैया कराया जा रहा है. इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक रंजय कुमार सिंह ने बताया कि सावन शुरू होते ही प्रधान डाकघर में गंगोत्री गंगाजल उपलब्ध करा दिया गया है. ताकि, लोगों को जल खरीदने में परेशानी न हो. उन्होंने बताया कि 250 एमएल गंगा जल की बोतल 30 रुपये में दी जा रही है.
गंगाजल की बिक्री में आयी है तेजी
प्रवर डाक अधीक्षक रंजय कुमार सिंह ने बताया कि गंगोत्री गंगाजल पहुंचाने की योजना इतनी पसंद की गयी कि इस बार भी श्रावण मास के दौरान गंगा जल की बिक्री की जा रही है. लेकिन, इस बार सबसे खास बात यह है कि सावन में बाबा का जलाभिषेक करने के लिए अब आप घर बैठे गंगाजल मांगा सकते हैं. अब डाकिया पत्र पहुंचाने के साथ ही गंगा जल की होम डिलिवरी भी कर रहे हैं.
इसके लिए 15 रुपये का अतिरिक्त का भुगतान करना होगा. किसी भी आदमी को जब भी गंगा जल घर बैठे लेना होगा तो वे अपने क्षेत्र के डाकिया व खुद भी गया प्रधान डाकघर के नंबर पर फोन कर इसकी मांग कर सकते हैं. गंगोत्री से आये गंगाजल के 250 एमएल बोतल की कीमत 25 रुपये निर्धारित की गयी है. अभी डाकघर में 250 एमएल गंगा जल की बिक्री 30 रुपये में की जा रही है.
