गया : दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप के आरोपितों को पकड़ने गयी अतरी थाने की पुलिस पर नवादा जिले के हिसुआ थाने के हादसा गांव में अपराधियों ने हमला बोल दिया. हमले में थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गये.
इसमें दो की हालत गंभीर बतायी जाती है. थानाध्यक्ष रंजीत चौधरी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है. वहीं, सिपाही गौतम कुमार के सिर में चोट लगी है, जिनका इलाज मगध मेडिकल अस्पताल में किया जा रहा है. एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पांच को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. दोनों पीड़िताओं की मेडिकल जांच मगध मेडिकल अस्पताल में बोर्ड गठित कर करायी जा रही है. इस मामले में केस की अनुसंधानकर्ता महिला थानाध्यक्ष रविरंजना को बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी संजय भारती के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. इसमें नीमचक बथानी एसडीपीओ, खिजरसराय सर्किल इंस्पेक्टर, नीमचक बथानी, खिजरसराय व गेहलौर थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है.
उन्होंने बताया कि इसमें चार आरोपित नवादा व एक नालंदा का है. दोनों जिलों की पुलिस से मदद ली जा रही है. आरोपित जल्द ही गिरफ्तार कर लिये जायेंगे. घटना अतरी थाना क्षेत्र के एक गांव की है.
जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बुधवार की शाम घर से शौच के लिए निकली थीं. इस दौरान पहले से घात लगाये बैठे आरोपितों ने दोनों का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया था. उसके बाद करीब चार घंटे तक दोनों को अपने साथ रखा व बाद में एक जगह छोड़ कर भाग निकले. दोनों ने परिजन को मिलने के बाद सारी घटना की जानकारी दी. इसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़िता के परिजन गांववालों के साथ देर रात अतरी थाना पहुंचे व हंगामा करने लगे. इसके बाद पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आधी रात में ही निकली गयी.
इन पर दर्ज कराया गया है मामला
अतरी थाने में पीड़िता के पिता के बयान पर नवादा जिले के हिसुआ थाने के हादसा गांव करनेवाले सुल्ली सिंह के 35 वर्षीय बेटे न्यूटन कुमार, रामानंद सिंह के 34 वर्षीय बेटे राहुल कुमार, नरेश सिंह के 34 वर्षीय बेटे सुबोध सिंह व दो अन्य के खिलाफ कांड संख्या 90/19 के माध्यम से 363, 365, 366 ए, 376 बी, पाॅक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें सभी आरोपित बालू व शराब माफिया बताये जाते हैं. पहले से ही इनका आतंक इलाके में है. पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
एएसआइ की जुबानी पूरी घटना
अतरी थाने के एएसआइ भूलन सिंह यादव ने मगध मेडिकल थाने में इलाज के दौरान बताया कि अपहरण की सूचना पर थानाध्यक्ष रंजीत चौधरी, सिपाही मुकेश कुमार, सुनील भारती, अखिलेश कुमार व गौतम कुमार के साथ वह अपराधियों को पकड़ने के लिए निकल पड़े. इधर दोनों पीड़िता को आरोपितों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही छोड़ दिया.
लड़की के परिजनों ने आरोपितों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. इस दौरान सूचना मिली कि नवादा जिले के हिसुआ थाने के हादसा गांव में सभी आरोपित एक जगह बैठ कर शराब पी रहे हैं. इसकी सूचना हिसुआ थाने को दी गयी. रात करीब दो बजे हिसुआ थाने की पुलिस पहुंचती इससे पहले वे आरोपितों के जमावड़े वाले जगह पर दल-बल के साथ पहुंच गये. पुलिस के आने की भनक मिलते ही सभी आरोपित भागने लगे. पुलिस ने उन्हें घेर कर पकड़ने का प्रयास किया.
इस दौरान 20-25 लोगों ने लाठी-डंडे व पत्थरों से हमला बोल दिया. किसी तरह जान बचा कर सभी पुलिसकर्ंंमी वहां निकल पाये. इसके बाद हिसुआ थाने की पुलिस पहुंची, तो स्थिति को नियंत्रण में किया. सूत्रों के अनुसार, लड़कियों की बरामदगी एक फ्लावर मिल से हुई है. पुलिस को बंधक बनाकर मारपीट किये जाने की बात भी सामने आ रही है.
