गया नगर निगम की ओर से शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
जाने माने वीर रस के कवियों ने सुनायी शौर्य गाथा
गया : शहर के गया क्लब में नगर निगम की ओर से पुलवामा के शहीदों की याद में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में देश के जाने माने वीर रस के कवियों ने अपनी कविताओं से लोगों को रोमांचित कर दिया.
लोगों ने भी कवियों के सम्मान में जम कर तालियां बजायी और भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे लगाये. इस दौरान पूरा माहौल देशभक्तिमय हो गया. जयपुर से आये वीर रस के कवि अशोक चारण ने कहा कि जरा जितने भी सलाउद्दीन पैदा कीजिए, गोलियों पर गीदड़ों के नाम लिखे हुए हैं.
गिद्धौर की डॉक्टर भुवन मोहिनी ने कहा कि यह हिंदुस्तान की मिट्टी हमारी जान से प्यारी है, लहू के कतरे-कतरे से नजर इसकी उतारी है. पड़ोसी मुल्क के हमलों से बार-बार होता है फिर भी हमारा देश महान है महान है. देश के मशहूर हास्य कलाकार सुनील पाल ने कहा कि हम भारतवासी भगवान से कामना करते हैं कि सही सलामत लौटे हमारा वीर अभिनंदन.
सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की हुई शुरुआत : देश की जानी मानी वीर रस की कवयित्री इंदौर की कविता तिवारी ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की. अपनी सुरीली आवाज से मां शारदे को याद किया.
उन्होंने शहीदों को याद करते हुए कहा कि लगन जो देश हित में जागी, वह भी सो नहीं सकती, वह हरगिज सो नहीं सकती. जिस्म के खाक होने पर शोहरत हो नहीं सकती भले दौलत की दुनिया से खरीदो सारी दुनिया को, शहादत की मगर कोई कीमत हो नहीं सकती.
देर शाम तक चले उक्त कार्यक्रम में कवियों ने अपनी रचनाओं से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया और एहसास दिला दिया कि संकट की घड़ी में में पूरा देश सैनिकों के साथ है.
बेहतर कार्य करने का दिलाया संकल्प
इसके पहले नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ ने निगम परिवार की ओर से पूर्व नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा की सेवानिवृत्ति पर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि नगर निगम उनके कार्यों को हमेशा याद रखेगा. पूर्व नगर आयुक्त ने भी कहा कि गया में उन्हें काफी कुछ सीखने का मौका मिला.
नगर निगम के डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गया शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी लोगों को और बेहतर काम करना होगा. उन्होंने सभी कर्मियों को बेहतर कार्य करने का संकल्प दिलाया. इस मौके पर सीआरपीएफ के कमांडेंट डॉ निशीत कुमार, उप कमांडेंट मोतीलाल समित समित नगर निगम के सभी शाखाओं के पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे.
