गया : धोखाधड़ी के एक मामले में अदालत ने नवादा के जिला पर्षद सदस्य नरेश यादव को दोषी करार दिया. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (अष्टम) राजीव कुमार (चतुर्थ) की अदालत में अतरी थाना कांड संख्या 171/12 में वर्तमान जिला पर्षद सदस्य नरेश यादव को दोषी करार दिया गया.
इस मामले के शिकायतकर्ता अतरी थाने के चकरा गांव निवासी चौकीदार राम ने अपनी प्राथमिकी में कहा था कि एक जुलाई 2010 को नरेश यादव ने उनसे कहा कि तुम्हारे दोनों बच्चे बेरोजगार हैं. मैं उनको नौकरी लगा दूंगा. इसके लिए दो लाख रुपये दो. इस पर मैंने उसे 1,68,000 रुपये दिये और कहा कि शेष राशि नौकरी लगने के बाद दूंगा. नौकरी नहीं लगने पर जब मैंने उनसे पैसे की मांग की, तो वह टालमटोल करने लगे.
इसके बाद पांच नवंबर 2012 को उन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया. अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त नरेश यादव को दोषी करार दिया. साथ ही साथ अदालत ने इसमें अधिकतम सजा के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के पास धारा 325 के तहत अभिलेख को संप्रेषित कर दिया. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक बलवंत कुमार व बचाव पक्ष की ओर से प्रदीप कुमार सिंह ने बहस की. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों की गवाही हुई.
