परैया (गया) : परैया थाना क्षेत्र के बड़की बगाही गांव में सोमवार की सुबह बड़े पैमाने पर शराब निर्माण की सूचना पर छापेमारी करने गयी पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया. ग्रामीणों ने पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग करने के बाद जमकर रोड़ेबाजी भी की.
ग्रामीणों के तेवर देख पुलिस को मौके से वापस होना पड़ गया. इस बीच ग्रामीण पुलिस की पकड़ से एक अभियुक्त को भी छुड़ा ले गये. ग्रामीणों के इस हमले में एक दरोगा समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस ने बड़ी संख्या में गांववालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
थानाध्यक्ष दिवाकर कुमार ने बताया कि बगाही गांव में व्यापक पैमाने पर शराब बनाये जाने व कारोबार की सूचना लगातार मिल रही थी. सोमवार की सुबह पुलिस गांव में छापेमारी करने गयी, तो शराब धंधेबाजों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की. पथराव में एसआई अरविंद कुमार के साथ एक हवलदार व चार सिपाही जख्मी हुए हैं.
इधर, ग्रामीणों का कहना है कि घटना सुबह पांच बजे की है. छापेमारी करने आयी पुलिस ने गांव के मनोज चौधरी के 22 वर्षीय बेटे पिंटू कुमार से पूछताछ के क्रम में उसकी जबर्दस्त पिटाई कर दी. युवक की चीख सुन कर ग्रामीण इकट्ठा हुए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस वापस लौट गयी. वहीं, घायल पिंटू को ग्रामीणों ने मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया में भर्ती कराया.
इधर सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक वारंटी को पकड़ लिया था. उसे पकड़ कर पुलिस एक घर में शराब तलाशने पहुंची ही थी कि गांववालों ने हमला बोल दिया. सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने वारंटी के घर से शराब भी बरामद की थी. खास बात यह है कि ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर न केवल पुलिस को पीछे खदेड़ दिया, बल्कि वारंटी को भी छुड़ा ले गये.
गांववालों पर दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने बड़की बगाही के लोगों के विरुद्ध एकजुट होकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस बल पर फायरिंग व रोड़े बरसा कर घायल करने का मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि मुकदमे में एक दर्जन से अधिक नामजद किये गये हैं और 50 लोग अज्ञात हैं.
