हानाबाद नगर : व्यवहार न्यायालय स्थित एडीजे-2 धर्मेंद्र कुमार जायसवाल ने न्यायालय ने हत्या मामले की सुनवाई पूरा करने के बाद हत्या के आरोप में दोषी करार राजेश यादव एवं रामव्रत यादव को भादवि की धारा 302/149 के तहत सश्रम उम्रकैद तथा 10 हजार अर्थदंड तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन साल का कठोर कारावास एवं पांच-पांच हजार अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर क्रमश: एक साल एवं छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
उक्त आशय की जानकारी लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस मामले में अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र अंतर्गत आगानूर गांव निवासी प्रतिभेष पांडेय ने कलेर थाने में पंकज कुमार, फिदू यादव, रामव्रत यादव, जैलेंद्र यादव, छोटू यादव समेत 5-6 अज्ञात लोगों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज करायी थी जिसमें आरोप लगाया था कि मेरे पिता स्व उमेश पांडेय आगानूर उच्च विद्यालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मी के पद पर कार्यरत थे.
पंकज कुमार अक्सर विद्यालय की छात्राओं से छेड़खानी करता था, जिसका वे विरोध करते थे. इस कारण इन लोगों ने मेरे पिता को जान से मारने की धमकी दी थी. इस बात को लेकर कलेर थाने की पुलिस ने पंकज को 23 जून, 2016 को गिरफ्तार किया जिससे आक्रोशित होकर उपरोक्त लोगों ने मेरे पिता को स्कूल से बुलाकर गोली मारकर हत्या कर दी.
इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से नौ गवाह प्रस्तुत किये गये. मामले में एडीजे-2 के न्यायालय में राजेश यादव, रामव्रत यादव, जैलेंद्र यादव एवं फिदू का विचारण चल रहा था. फिदू यादव विचारण के बीच में फरार हो गया था. वहीं जैलेंद्र यादव फैसले के दिन फरार हो गया. न्यायालय ने जैलेंद्र कुमार को 302/149 में दोषी करार देते हुए उसका विचारण अलग कर गैर जमानतीय अधिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है. सजा सुनाये जाने के बाद दोनों सजायाफ्ता को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेजा गया.
