गया : उत्पाद विभाग के कार्यालय परिसर में जब्त गाड़ियों के पार्ट्स बेचे जाने का मामला उजागर होनेके बाद कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही नया कार्यालय भवन बनाने की कवायद भी तेज कर दी गयी है. खास बात यह है कि यह अक्ल उत्पाद विभाग के ही कर्मचारी द्वारा जब्त वाहनों के पार्ट्स खोल कर बेचे जाने की खबर रविवार को प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बाद आयी है. मामला उजागर होते ही अधिकारी हरकत में आ गये हैं. जब्त वाहनों के पार्ट्स चुरानेवाले सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
नया कार्यालय भवन बनाने की कवायद हुई तेज, आफिस की लचर व्यवस्था को सुधारने में जुटे उत्पाद अधिकारी
गया : उत्पाद विभाग के कार्यालय परिसर में जब्त गाड़ियों के पार्ट्स बेचे जाने का मामला उजागर होनेके बाद कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही नया कार्यालय भवन बनाने की कवायद भी तेज कर दी गयी है. खास बात यह है कि यह अक्ल उत्पाद विभाग के […]

गौरतलब है कि कार्यालय परिसर में जगह कम होने और इन दिनों शराब धंधेबाजों से जब्त किये गये वाहन व शराब रखने के लिए यह जगह छोटी पड़ रही है. इसके कारण ही नये कार्यालय भवन बनाने के लिए अधिकारियों ने जमीन तलाशने की कवायद तेज कर दी है. उत्पाद विभाग के जिला कार्यालय में जगह इतनी कम पड़ गयी है कि जब्त किये गये वाहनों को रखने के लिए जगह कम पड़ रही है.
कोर्ट के आदेश के बाद समय-समय पर जब्त की गयी गाड़ियों की नीलामी भी की जाती है. कार्यालय परिसर में जगह कम होने के कारण ही रेड-क्रॉस के पास जब्त किये गये वाहनों को रखा जाता है. तत्काल में कार्यालय परिसर व रेड-क्रॉस के पास 410 छोटी-बड़ी गाड़ियां रखी गयी हैं. शराब को भी कार्यालय परिसर में ही रखे जाते हैं.
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल : इधर विभाग द्वारा गाड़ियों से पार्ट्स चुरा कर बेचे जाने के मामले में सिर्फ एक सिपाही पर कार्रवाई किये जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. उत्पाद विभाग के अधिकारी ने मामला उजागर होने के बाद सिपाही को गिरफ्तार कर लिया.
लेकिन जिस सिपाही को इस मामले में जेल भेजा गया उसकी ड्यूटी हाजत में थी, जैसा की सिपाही पहले ही सामान खोलते वक्त पत्रकारों के समक्ष कह चुका था. कार्यालय के आसपास चर्चाएं आम हो रही हैं कि दर्जनभर सिपाही वहां हर दिन रहते हैं. उन सिपाहियों में से कुछ को गाड़ियों की तो कुछ को शराब की निगरानी में भी लगाया जाता है.
बताया जाता है कि पिछले दिनों उत्पाद विभाग के कुछ अधिकारी के बारे में एक ऑडियो वायरल हुआ था. उस पर अबतक अधिकारी सिर्फ जांच किये जाने की ही बात करते रहे हैं.
यह कहना है अधिकारी का : उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त किशोर कुमार साह ने बताया कि गाड़ियों के पार्ट्स खोलने की बात उजागर होने के बाद यहां सीसीटीवी कैमरा लगाया जा रहा है. कैमरा हर कोने में लगाये जाने हैं. इसके लिए संबंधित एजेंसी से बात हो गयी है. काम को जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा.
उन्होंने बताया कि गाड़ियों के पार्ट्स खोलने के मामले में अन्य की जिम्मेदारी के लिए जांच की जा रही है. नये भवन बनाने के लिए भू-अर्जन विभाग से संपर्क किया गया है.
कार्यालय से 300 मीटर की दूरी पर बिकती है शराब
गया. नगर निगम कार्यालय परिसर उत्पाद विभाग कार्यालय से करीब 300 मीटर की दूरी पर है, जहां हर शाम शराब धंधेबाजों व खरीदारों का अड्डा लगता है. शाम होते ही यहां बाइक व अन्य गाड़ियों से शराब खरीदनेवाले पहुंचते हैं. कार्यालय परिसर के आवास में रहनेवाले कर्मचारी भी इस धंधे से परेशान हैं.
निगम के ही एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि यहां उत्पाद विभाग व स्थानीय पुलिस से सेटिंग है. शराब का धंधा यहां खुलेआम किया जाता है. यहां पर हर तरह के शराब के ग्राहक पहुंचते हैं.धंधेबाज उन्हें देखते ही पहचान जाते हैं. इतना ही नहीं कई बार तो दिन में शराब बनाने की गंध भी यहां से निकलने की बात कई लोगों ने बतायी.
शराब का धंधा करने के आरोप में नप चुके हैं उत्पाद निरीक्षक
वर्ष 2017 में पूर्व डीएम कुमार रवि के आदेश पर पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई में उत्पाद निरीक्षक रंगेहाथों शराब बेचते हुए पकड़े गये थे. इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में सिविल लाइंस, कोतवाली व डेल्हा पुलिस को लगना पड़ा था. तब जा कर अशोक कुमार पुलिस के हत्थे चढ़े थे. पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था.
इस कार्रवाई के तहत शराब के गोदाम में तैनात एक कर्मी पर पुलिस के हत्थे चढ़ा था. अशोक कुमार पर आरोप था कि वह जब्त की गयी शराब को विभाग के गोदाम से निकाल कर बेच रहे थे. यही नहीं वह शराब गोदाम में जब्त शराब की बोतलें निकाल कर अपने आफिस में भी रखते थे. शाम ढलने के बाद वह शराब के धंधे में जुट जाते थे.