मानपुर : अंजना की हत्या को पुलिस ने जहां एक ओर ऑनरकिलिंग का मामला बताया वहीं अब मृतका की बड़ी बहन ने कई गंभीर आरोप पुलिस पर लगाये हैं. मृतका की बहन का आरोप है कि पुलिस ने जोर जबर्दस्ती कर हमसे अपने मनमाफिक बयान दर्ज करवाया है. मृतका की बड़ी बहन भारती कुमारी ने मीडिया को बताया है कि पुलिस के अधिकारी उसे थाने ले जाकर पूछताछ करने लगे.
पुलिस अधिकारी बार-बार दबाव बना रहे थे कि तुम बयान दो कि 28 को अंजना घर से गयी और 31 दिसंबर को वह वापस आयी. ऐसा कहने के लिए जब मैं तैयार नहीं हुई, तो पुलिसवालों ने बेरहमी से पिटाई करने लगे.
इसके साथ ही डीएसपी, बड़ा बाबू मनोज कुमार और महिला पुलिस मारपीट करते हुए कहा कि तुम अगर यह सब नहीं बोलोगे तो,तुम्हारे मम्मी पापा को जेल भेज देंगे और तुमको पागल साबित कर देंगे. उसके बाद मजबूरी में पुलिस के अनुसार बयान दे दिया. इसके बाद पुलिस ने पापा को घर से बुलाया और थाने में पैर-हाथ बांध कर मारपीट करने लगी.
उसके बाद बोला कि तुम्हारे पिता के साथ अंजना के हत्या में उसका कोई दोस्त भी शामिल था. जब नहीं बोल रही थी, तो डंडे से पिटाई की गयी. इस बीच मेरे हाथ से खून बहने लगा. खून बहने की बात बताने पर क्रीम लगाया गया और डीएसपी,बुनियादगंज व मुफस्सिल थानाध्यक्ष के साथ एक बूढ़ा पुलिस वाला गाल पर लगातार तमाचा मारने लगा.
हमारे मम्मी-पापा को लौटा दीजिए
पत्रकारों के सामने भारती ने रोते हुए बताया कि अब उसके सामने खाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पुलिस अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए मां-पिता फंसा दिया है. अब हमलोग अपना पेट कैसे भरेंगे. हमलोग ने 28 के बाद अपनी बहन को देखा ही नहीं है. एक ही बार छह जनवरी को उसकी लाश मिली है.
मानपुर विकास संघर्ष मोर्चा के संयोेजक राजीव कुमार कन्हैया ने अंजना हत्या कांड की निंदा की है. उन्होंने कहा कि बगैर साक्ष्य के ही पुलिस ने अंजना के मर्डर को ऑनर किलिंग बताया है. पुलिस का स्याह चेहरा को मोर्चा के सदस्य उजागर कर ही दम लेंगे.
साक्ष्य से पुलिस अबतक कोसों दूर
अंजना हत्याकांड को पुलिस ऑनरकिलिंग का मामला बता रही है. एसएसपी राजीव मिश्रा ने खुद ही गुरुवार को प्रेसवार्ता में कहा कि अंजना की हत्या उसके पिता के इशारे पर साथियों की मदद से की गयी थी.
इस तरह का बयान मृतका के परिजनों द्वारा दिये जाने की बात भी बतायी थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को अबतक हत्या वाली जगह का पता व घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त किये गये हथियार नहीं मिल पाये हैं.
जबकि पुलिस अंजना हत्याकांड में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है. मृतका के पिता तुराज प्रसाद व लीला पटवा को जेल भेज दिया गया. लेकिन, इन लोगों से हत्या में प्रयुक्त हथियार व हत्या वाली जगह की जानकारी पुलिस नहीं जुटा सकी है.
चारों ओर से यह सवाल उठने लगा है कि कहीं बीते दिनों हुए वारदातों का जैसे तैसे किये गये खुलासे के तरह ही, अंजना हत्याकांड का आनन-फानन में खुलासा कर दिया. गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर में दिनदहाड़े घर में घुस कर 18 सितंबर को नर्तकी नंदनी की हत्या धारदार हथियार से काट कर की गयी थी.
इस मामले में पीड़ित परिवार ने नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया था. इस मामले में पुलिस ने इतनी शिथिलता बरती कि गिरफ्तारी से पहले ही नामजद आरोपित ने कोर्ट से जमानत ले ली. इससे पहले चार सितंबर को महिला व्यवसायी राधा की हत्या गोली मार कर कर दी गयी थी. इस मामले में पुलिस अपराधियों की पकड़ने की बात तो दूर हत्याकांड में शामिल आरोपितों की पहचान तक नहीं कर सकी है.
