गया : जन-समस्याओं के निवारण के लिए नगर निगम के अधिकारियों के पास समय नहीं है. शहर के कई मुहल्ले के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. इधर, ड्यूटी समय में समस्या के समाधान नहीं कर अधिकारी पार्टी का आयोजन कर रहे हैं. प्रभात खबर के मंगलवार के अंक में ‘लोग रह रहे प्यासे, अधिकारी बेफिक्र’ शीर्षक से इस समाचार को प्रमुखता से उजागर किया गया है.
इससे यह साफ हो जाता है कि यहां के अधिकारी जन-समस्याओं को लेकर कितने संवेदनशील रहते हैं. ये बातें प्रदर्शन के दौरान मंगलवार की दोपहर निगम कार्यालय परिसर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नगर परिषद सचिव सह कर्मचारी यूनियन नेता अमृत प्रसाद ने कहीं.
कम्युनिस्ट नेताओं ने आजाद पार्क से जुलूस निकाल कर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया. कर्मचारी यूनियन नेता अमृत प्रसाद ने कहा कि टैक्स को निजी कंपनी के हाथों में सौंप दिया गया है. यहां आठ वर्षों से काम कर रहे 11 कमीशन एजेंटों को सड़क पर ला दिया गया है. आवास योजना, शौचालय योजना व अन्य विकास योजनाओं की सूची सार्वजनिक नहीं किये जाने पर साफ हो जाता है कि भारी गोलमाल किया जा रहा है. कर्मचारियों की वेतन विसंगति को ठीक करने के नाम पर अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं.
जनप्रतिनिधियों पर सांठगांठ का लगाया आरोप : इस मौके पर कम्युनिस्ट नेता मसउद मंजर ने कहा कि निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि दोनों ही सांठगांठ कर सब खेल खेल रहे हैं. उन्हें अब सावधान हो जाना चाहिए. भाकपा उनके हर कारनामे को उजागर करने में जुट गयी है.
सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य कुमार जितेंद्र ने कहा कि शहर के पितामहेश्वर, कटारी हिल, मुरली हिल, एकबाल नगर, वारिस नगर, मंगलागौरी, कपिलधारा व ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर बसे लोगों को निगम हर तरह की सुविधा दे रहा है. इसके बाद भी मकान टैक्स रसीद नहीं काटे जाने से यहां के लोगों का आवासीय प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है. उन्होंने कहा कि यहां रहनेवाले सारे लोग असंगठित मजदूर हैं. दंडीबाग जलापूर्ति केंद्र से वाटर सप्लाइ की उत्पन्न समस्या को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
