रोहित कुमार सिंह, गया : गया स्टेशन हमेशा साफ और स्वच्छ दिखेगा. इसमें अब किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. रेलवे द्वारा निर्धारित समय और मानक के अनुरूप ही सफाई कार्य किया जायेगा. इसमें जरा सी भी लापरवाही बरती गयी, तो सीधे संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जायेगी. क्योंकि रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से की जायेगी.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गया रेलवे स्टेशन को ए-वन स्टेशनोंं में गिना जाता है. यहां सामान्य रेलयात्रियों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी आते हैं. श्राद्ध करने के लिए श्रद्धालु व बोधगया घूमने के लिए पर्यटक गया आते हैं. अधिकतर श्रद्धालु व पर्यटक ट्रेनों से ही यहां आते हैं.
प्लेटफॉर्म पर गंदगी देख कर पर्यटक कई बार भड़क जाते हैं व गया रेलवे स्टेशन के बारे में उनकी अच्छी राय नहीं होती. इस तरह की शिकायत मिलने के बाद रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने इस मामले को लेकर गंभीरता से सोचा. रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने निर्णय लिया कि ए वन और ए ग्रेड के स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से सफाई व्यवस्था की निगरानी की जायेगी.
सभी जोन के महाप्रबंधकों को भेजा गया पत्र : सीसीटीवी कैमराें से सफाई की निगरानी करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. रेलवे बोर्ड ने इसी माह सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र लिखा है. इसके तहत पूर्व रेलवे के मुगलसराय मंडल, धनबाद मंडल, दानापुर मंडल में आनेवाले ए-वन व ए ग्रेड स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमराें से सफाई की निगरानी करने के लिए एक पत्र लिखा गया है.
लापरवाही करनेवालों पर लगाया जायेगा जुर्माना : अब साफ-सफाई करने में लापरवाही बरतने पर जुर्माना के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. हर दो दिनों पर कैमरे से सफाई करने की गतिविधियों को देखा जायेगा. इसमें लापरवाही करने पर कार्रवाई की जायेगी. अलग-अलग दिन अलग-अलग अधिकारी फुटेज की जांच करेंगे. इसके बाद वे अपनी रिपोर्ट बोर्ड को भेजेंगे. इसके आधार पर ही ठेकेदारों को भुगतान किया जायेगा.
दो दिनों के रिकॉर्ड पर रहेगी नजर
मंडल मुख्यालय से प्रतिदिन अलग-अलग अधिकारी सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगे. उनके द्वारा कैमरे से विगत दो दिनों का रिकॉर्ड देखा जायेगा. किस-किस प्लेटफॉर्म की किस समय सफाई की गयी. इसकी भी जानकारी प्राप्त की जायेगी. वहीं यह भी परखा जायेगा कि प्लेटफॉर्म की सफाई मशीन से की गयी है अथवा मैनुअली. सफाई के लिए फिनाइल या अन्य केमिकल का इस्तेमाल किया गया है या नहीं. यदि इस्तेमाल किया भी गया है, तो स्टैंडर्ड कंपनी का है या नहीं.
शिकायत मिलने के बाद टूटी नींद
रेलवे बोर्ड के पास बीते कुछ महीनों से सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायत पहुंच रही थी. निजी एजेंसी को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी देने व सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाये जाने के बावजूद कई जगहों से लगातार लापरवाही बरती जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं. इस पर पाबंदी लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया. अब सीसीटीवी कैमरे से इस बात की स्पष्ट जानकारी मिल जायेगी कि किस प्लेटफाॅर्म पर किस-किस समय सफाई कार्य में कितने मजदूर लगाये गये.
