50 बेडवाले रैनबसेरे में तीन माह में ठहरे महज 106 लोग

गया : बेबस व लाचार गरीब शहर पहुंच कर फुटपाथ पर रात नहीं गुजारें इसके लिए निगम से कई जगहों पर रैन बसेरा बनाया गया है लेकिन, यहां ठहरने के लिए बहुत कम लोग पहुंच पा रहे हैं. इसका मुख्य कारण है कि प्रचार-प्रसार के लिए कोई कदम अब तक निगम से नहीं उठाया गया […]

गया : बेबस व लाचार गरीब शहर पहुंच कर फुटपाथ पर रात नहीं गुजारें इसके लिए निगम से कई जगहों पर रैन बसेरा बनाया गया है लेकिन, यहां ठहरने के लिए बहुत कम लोग पहुंच पा रहे हैं. इसका मुख्य कारण है कि प्रचार-प्रसार के लिए कोई कदम अब तक निगम से नहीं उठाया गया है. बताया जाता है कि पहले से चार रैन बसेरा खोला गया है. तीन गांधी मैदान के सामने व एक पंचायती अखाड़ा में है.
यहां पर भी कोई रात में रुकने में रुचि नहीं दिखाते हैं. इसके बाद सितंबर माह में वैरागी मोड़, डाक स्थान के पास 50 बेड के रैन बसेरा का उद्घाटन नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने की. रैन बसेरा में किचेन, टीवी व बेड मौजूद है. लगभग तीन माह बीतने के बाद यहां महज 106 लोग ही ठहरे हैं.
जबकि यहां रैन बसेरा यह सोच कर बनाया गया था कि बगल में रेलवे स्टेशन होने के कारण स्टेशन पर रात गुजारने वाले लोग रैन बसेरा में ही रहना पसंद करेंगे. लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. यहां पर ठहरने के लिए सक्षम लोगों को 25 रुपये व भोजन का 35 रुपये देना होता है.
इधर सिटी मिशन मैनेजर शाहिल राज कहते हैं कि सही लोकेशन होने के बाद भी सच्चाई है कि प्रचार-प्रसार के अभाव में यहां लोग पहुंच नहीं पा रहे हैं. जल्द ही प्रचार-पसार के लिए शहर में जगह-जगह होर्डिंग व फ्लैक्श लगाने के लिए टेंडर निकाला जा रहा है. इसके लिए नगर आयुक्त ने फाइल पर ऑर्डर कर दिया है. जल्द ही रैन बसेरा में ठहरने, सस्ते दाम पर भोजन व बेहतर सुविधा की जानकारी पहुंचा दी जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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