गया : अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक रावण वध यानी विजयादशमी का त्योहार गांधी मैदान में धूमधाम के साथ मनाया गया. श्री दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लंका नरेश रावण, मेघनाद व कुंभकरण का पुतला जलाया गया. इस मौके पर आतिशबाजी की गयी. इधर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के के लिए गांधी मैदान में सैकड़ों की संख्या में पुलिस बलों तैनात किया गया था. एसएसपी राजीव मिश्रा सहित कई पुलिस पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे. सामान्य नागरिकों के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया था. अग्निशमन वाहन के साथ-साथ एंबुलेंस भी गांधी मैदान में उपलब्ध थी ताकि किसी तरह की घटना से तुरंत निबटाया जा सके .
निकाली गयी भव्य शोभायात्रा : इससे पूर्व स्टेशन रोड स्थित अजय तरवे के आवास पर श्री राम दरबार की आरती सूबे के कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार ने की. इसके बाद श्री राम दरबार की गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा में बनारस से आया डमरू नृत्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. शोभायात्रा टेकारी रोड, जीबी रोड, डाक बंगला रोड होते हुये गांधी मैदान पहुंची. यात्रा में शामिल श्री राम दरबार के स्वरूपों ने गांधी मैदान में खड़ी रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों के सामने कला का प्रदर्शन भी किया.
सबसे अंत में जलाया गया रावण का पुतला : गांधी मैदान में आयोजित रावण वध कार्यक्रम में सबसे पहले मेघनाद का पुतला जलाया गया. बाद में कुंभकरण व सबसे अंत में लंका नरेश रावण का पुतला जलाया गया. श्री दशहरा कमेटी द्वारा गांधी मैदान में शुक्रवार को आयोजित रावण वध कार्यक्रम देखने के लिए लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा. हजारों लोग इस कार्यक्रम को देख कर न केवल रोमांचित हुए बल्कि जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण राममय हो गया.
कृषि मंत्री भी कार्यक्रम में हुए शामिल : गांधी मैदान में आयोजित रावण वध कार्यक्रम के मौके पर मुख्य अतिथि बिहार सरकार के कृषि विभाग के मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार, विशिष्ट अतिथि मगध प्रमंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिव कुमार झा, जिलाधिकारी अभिषेक सिंह सहित कई पदाधिकारियों के अलावा नगर निगम के उप महापौर मोहन श्रीवास्तव व कई गण्यमान्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष रामजी प्रसाद अधिवक्ता ने की. कमेटी के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष राकेश कथुरिया, संगठन मंत्री दीपक चड्डा, सदस्य रमेश कथुरिया डॉ जगदीश शर्मा आदि ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रखने में पूरा सहयोग किया.
