गया : जागरूकता अभियान के बाद लोगों ने अपनी आदतों में सुधार नहीं लायी, तो सड़क किनारे व चौक-चौराहों पर कचरा फेंकने पर भरना होगा जुर्माना. इसकी शुरुआत नगर निगम पितृपक्ष मेला से कर चुका है. इस अभियान को नियमित करने के लिए जल्द ही नगर निगम की ओर से काम शुरू कर दिया जायेगा. बताया जाता है कि शहर को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने पितृपक्ष मेले में अभियान चलाया.
इस अभियान के तहत निगम कर्मचारियों ने खुले में शौच करनेवालों व बीड़ी-सिगरेट पीनेवालों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले हैं. निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान को रेगुलर करने पर विचार किया जा रहा है. ऐसे पिछले दिनों पितृपक्ष मेले के दौरान खुले में शौच करने व बीड़ी सिगरेट पीनेवालों से जुर्माना वसूलने के काम में कई कर्मचारियों को लगाया गया था. इस काम में नगर निगम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी लगाया गया था.
निगम सूत्रों का कहना है कि जल्द ही नगर निगम से खुले में कचरा फेंकने के साथ-साथ शौच करने व बीड़ी-सिगरेट पीनेवालों से जुर्माना वसूलने का खाका तैयार किया जा रहा है. सबसे पहले यह अभियान खुले में कचरा फेंकनेवालों पर जुर्माना लगा कर शुरू किया जायेगा.
अच्छी पहल में लोग दें साथ
नगर निगम की ओर से लाख अभियान चला लिया जाये, फिर भी सफलता नहीं मिलना असंभव ही दिख रहा है. शहर के लोग अगर अपनी कुछ आदतों में सुधार नहीं लायेंगे, तो अभियान को आसानी से सफल बनाया जा सकता है. अब तक शहर की विभिन्न सड़कों के किनारे कचरे के ढेर नजर आते हैं. लोग अपने घरों से कचरे को निकाल कर चौक-चौराहों पर फेंक देते हैं.
इतना ही नहीं पूरा घर साफ-सफाई कर कचरे को पॉलीथिन में लोग भरते हैं और उसे छत से सीधे रोड पर फेंक देते हैं. नगर निगम से जबकि, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए शहर के 53 वार्डों में कर्मचारियों व रिक्शे को लगाया गया हैं. सुबह-सुबह शहर के लगभग हर मुहल्ले में घरों के बाहर नगर निगम के कर्मचारी सीटी बजा कर कचरा मांगने पहुंचते हैं.
इसके बाद भी कई जगहों से शिकायत आती है कि कर्मचारी के जाने के बाद भी लोग कचरा निकाल कर रोड पर फेंकते हैं, जबकि घरों में गीला-सूखा कचरा अलग-अलग जमा करने के लिए दो-दो डस्टबीन दिये गये हैं. घरों में डस्टबीन का उपयोग दूसरे कामों के लिए करते हैं.
पहले करेंगे अपील, फिर होगी कार्रवाई
लोगों को यत्र-तत्र कचरा नहीं फेंकने व पॉलीथिन का उपयोग बंद करने की अपील की जायेगी. इसके बाद भी अगर लोगों ने अपनी आदतों में सुधार नहीं लिया और शहर को गंदा करते रहे, तो जुर्माना वसूला जायेगा.
वीरेंद्र कुमार, मेयर
