पितृपक्ष मेला प्रबंधन के अध्ययन में जुटे आइआइएम स्टूडेंट्स

बोधगया : पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्था व पिंडदानियों के लिए उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं के बारे में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) बोधगया के स्टूडेंट्स अब अध्ययन करने में जुटे हैं. पिछले 24 सितंबर से आठ अक्तूबर तक आइआइएम बोधगया के विद्यार्थियों ने इसके लिए हर दिन […]

बोधगया : पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्था व पिंडदानियों के लिए उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं के बारे में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) बोधगया के स्टूडेंट्स अब अध्ययन करने में जुटे हैं. पिछले 24 सितंबर से आठ अक्तूबर तक आइआइएम बोधगया के विद्यार्थियों ने इसके लिए हर दिन ग्रुपों में बंट कर जिला प्रशासन के पदाधिकारियों, पिंडदानियों की सुविधा के लिए लगाये गये पुलिस व स्वास्थ्य शिविरों के साथ ही साफ-सफाई, आवासन व यातायात के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर किये गये इंतजाम की जानकारी ली.
विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रांतों के पिंडदानियों से भी बातचीत की व व्यवस्था में कमी व बेहतरी को लेकर उनका मंतव्य जाना. पिंडदान कराने वाले आचार्यों व सुफल देने वाले पंडा समाज के लोगों से भी छात्रों ने बातचीत कर पिंडदान की महत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की. आइआइएम बोधगया के छात्रों ने हर दिन मेला क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद व्याप्त कमियों के बारे में जिला प्रशासन के पदाधिकारियों को जानकारी दी व उसके मुताबिक व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास किया गया. छात्रों ने विष्णुपद मंदिर क्षेत्र, अक्षयवट, मंगलागौरी मंदिर क्षेत्र, गया रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव, हवाई अड्डा सहित विभिन्न धर्मशालाओं (पिंडदानियों के आवासन स्थलों) व बोधगया का भ्रमण कर जानकारी इकट्ठा की.
साफ-सफाई, पेयजल व चिकित्सा सेवा में विस्तार की जरूरत : सर्वे के दौरान आइआइएम के छात्रों ने अपने को कई ग्रुपों में बांट कर काम किया. इनमें कुछ स्टूडेंट्स ने प्रगति क्लब, तो कुछ सीएसआर क्लब के नाम से ग्रुप बना कर मेला क्षेत्र में जानकारियां इकट्ठा की. छात्रों ने बताया कि मुख्य रूप से पेयजल के लिए बूथों की संख्या बढ़ाने, कूड़ेदानों की संख्या में बढ़ोतरी करने, सड़कों व गलियों में साफ-सफाई में वृद्धि करने, शौचालयों में साफ-सफाई पर और ध्यान देने, आवासन स्थलों पर सुविधाओं में बढ़ोतरी करने व स्वास्थ्य शिविरों में स्वास्थ्यकर्मियों व चिकित्सकों की संख्या में शिफ्ट के मुताबिक वृद्धि करने जैसे मुद्दों को हर दिन जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया था.
हालांकि, उक्त समस्याओं पर ध्यान भी दिया गया व सुधार भी किये गये. छात्रों ने बताया कि पितृपक्ष मेले के दौरान प्राप्त जानकारियों का अध्ययन किया जा रहा है व केस स्टडी कर उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जायेगी. इससे अगले वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले के प्रबंधन में जिला प्रशासन को सहूलियत होगी व पिंडदानियों को बेहतर सुविधा भी मिल पायेगी. इसमें आइआइएम के शिशिर, प्रदीपन, विवेक, रवि वर्णवाल, मताले गणेश, वात्सल्य, नितिन पारस, अंचित कुमार, विनय, अनुराग, तन्मय,मयंक व अन्य छात्रों ने काम किया.
बच्चों को प्रबंधन की दी जा रही ट्रेनिंग
आइआइएम की डायरेक्टर विनीता सहाय ने बताया कि आइआइएम के स्टूडेंट्स को बड़े आयोजनों केेे प्रबंधन के बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके लिए डीएम अभिषेक सिंह से समन्वय स्थापित कर सर्वे का काम सौंपा गया था. अब पितृपक्ष मेले का केस स्टडी कर उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जायेगी. इससे छात्रों के अनुभव में बढ़ोतरी व व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है. डायरेक्टर ने बताया कि बोधगया में आयोजित बौद्धों के विभिन्न पूजा समारोहों के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने के लिए आइआइएम के स्टूडेंट्स को लगाया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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