गया : पितृपक्ष मेला शुरू होने के महज नौ दिन शेष रह गये हैं. नगर निगम, जल पर्षद के अधिकारी व कर्मचारी के लापरवाह रवैये के कारण जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज को ठीक नहीं किया जा सका है. कई जगहों पर महीनों से लीकेज रहने के कारण सड़क खराब हो गयी है. पितृपक्ष मेला को लेकर नगर निगम में आयोजित की गयी बैठक में कर्मचारियों व अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि मेला से पहले सबकुछ दुरुस्त कर लिया जाये. लेकिन अब तक काम शुरू तक नहीं किया गया है.
अक्षयवट, शाहमीरतक्या, जेल रोड, बाइपास, चांद चौरा, दक्षिण दरवाजा आदि जगहों पर पाइपलाइन में लिकेज रहने के कारण सड़क पर पानी जमा हो जाता है. पाइपलाइन ठीक करने के लिए नगर निगम के पास अस्थायी व अस्थायी मिस्त्री, लेबर व खलासी की संख्या कुल मला कर 32 है. कई जगहों पर पाइपलाइन अब तक पीएचइडी विभाग के जिम्मे भी है.
पीएचइडी के अधिकारी कई बार कह चुके हैं कि उनके पास मरम्मत करने के लिए कोई फंड नहीं आता है. पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. मेन पाइपलाइन को ठीक करने की जिम्मेदारी नगर निगम के कर्मचारियों पर है. लोग अपने घरों तक गयी पाइपलाइन को थोड़ा खर्च कर भी ठीक करा सकते हैं.
यहां होती है परेशानी
लोगों के घरों तक गयी पानी के कनेक्शन वाली पाइपलाइन में लिकेज होने पर लोग इसके मरम्मत के लिए भी निगम के भरोसे बैठे रहते हैं. सड़क किनारे से घरों तक गयी पाइपलाइन खराब होने पर लोग इसे बिना बंद किये ही नया पाइप घर तक ले जाते हैं. इसके कारण भी पुराने पाइप से पानी सड़कों पर बहता है. सरकार ने नये पाइपलाइन के काम पर रोक लगा रखी है.
निगम क्षेत्र में पाइपलाइन से लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के पैसों से काम शुरू किया गया है. 376 करोड़ रुपये की योजना से शहर में पेयजल व्यवस्था में सुधार लाना है. लेकिन, काम की रफ्तार को देख कर ऐसा नहीं लगता है कि आनेवाले दो-तीन वर्षों में भी काम पूरा हो सकेगा.
