गया : बीते दिनों सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में घुस कर अपराधियों द्वारा गैंगस्टर संतोष झा की गयी हत्या की वारदात से जिले की पुलिस प्रशासन ने अबतक किसी प्रकार का कोई सबक नहीं लिया है. गया सिविल कोर्ट की सुरक्षा भगवान भरोसे ही टिकी है. सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम जो पहले थे, वे सभी धीरे-धीरे समाप्त हो गये हैं. सिविल कोर्ट के तीनों गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाये गये थे पर अब किसी भी गेट पर मेटल डिटेक्टर नहीं है. इसके अलावा कोर्ट परिसर में अब तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है. यही नहीं कोर्ट परिसर के अंदर आनेवालों की किसी प्रकार की कोई जांच पड़ताल नहीं होती है.
सिविल कोर्ट में न तो सीसीटीवी कैमरे हैं, न ही मेटल डिटेक्टर
गया : बीते दिनों सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में घुस कर अपराधियों द्वारा गैंगस्टर संतोष झा की गयी हत्या की वारदात से जिले की पुलिस प्रशासन ने अबतक किसी प्रकार का कोई सबक नहीं लिया है. गया सिविल कोर्ट की सुरक्षा भगवान भरोसे ही टिकी है. सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम जो पहले थे, वे सभी धीरे-धीरे […]

क्या कहते हैं अधिवक्ता : अधिवक्ता शशिशेखर ने कहा कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था दिखावा है. कोर्ट परिसर में आनेजाने वाले लोगों की चेकिंग नहीं होती है. शराब लदे वाहनों को बिना चेकिंग के ही कोर्ट परिसर में लाया जाता है. .अधिवक्ता मनोज कुमार ने कहा कि जब कहीं कोई बड़ी घटना होती है तब प्रशासन अलर्ट हो जाता है. और कुछ दिन सही से चलने के बाद फिर सुरक्षा व्यवस्था ढुल-मुल हो जाती है. अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसी कैमरा व मेटल डिटेक्टर का होना बेहद जरूरी है. यहां की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हैं.
कोर्ट मैनेजर सकीना तूल फातमी ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोर्ट का फ्रंट गेट जजों के आने के बाद बंद कर दिया जाता है. तीनों गेट पर दो-दो गार्ड की तैनाती है. इसके अलावा रात्रि में भी यहां पांच की संख्या में नाइट गाइड तैनात रहते हैं. पूर्व प्रशासनिक प्रभारी निरंजन कुमार से जब सवाल किया गया कि मेटल डिटेक्टर क्यों हटाया गया तो उन्होंने गोल मटोल जवाब दिया. गार्ड के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत जानकारी एसएसपी से मिल सकती है. सीसी कैमरा लगाने का काम कब तक पूरा होगा इस संबंध में उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. हाजत थाना प्रभारी मोहम्मद शौकत अली से कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एसएसपी द्वारा यहां की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने का आदेश मिला है.
उन्होंने बताया कि यहां 21 आर्म गार्ड व आठ महिला पुलिस की तैनाती है. इसके अलावा साधारण बल के 21 जवान तैनात है, जो कैदियों को कोर्ट में लाने व ले जाने का काम करते हैं. हालांकि उन्होंने माना कि सिविल कोर्ट में 18 जवान की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ 11 के भरोसे ही कामकाज चल रहा है. सेशन में भी 18 के बजाय 10 ही जवान है.