खिजरसराय (गया) : महकार थाना क्षेत्र स्थित नैली टाल के पास से शुक्रवार की रात अगवा गल्ला व्यवसायी गोल्डन मियां उर्फ अजीम आलम की हत्या कर दी गयी. उनका सरौंजी गांव के कब्रिस्तान के पास रविवार को बधार में मिला. गाेल्डन मियां पूर्व में युवा लाेजपा के प्रखंड अध्यक्ष भी रहे हैं. उनके सिर में दो गोलियां लगी हुई थीं. शरीर पर मारपीट के भी कई निशान पाये गये हैं.
कपड़े फटे पड़े थे. बधार में शव मिलने की सूचना पर इलाके में सनसनी फैल गयी. मौके पर पहुंची महकार थाने की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन गांववालों ने शव को छूने नहीं दिया. इसके बाद गांववालों ने शव को लेकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे व सड़क को जाम करने कोशिश की. इस बीच, इलाके के विभिन्न थानों की पुलिस पहुंची. डीएसपी रमेश कुमार दूबे ने अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लेने का आश्वासन दिया. इस पर गांववालों ने पुलिस को शव उठाने दिया.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गया शहर स्थित मगध
मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया. मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही गोल्डन की हत्या हुई है. व्यवसायी गोल्डन मियां के अपहरण के दौरान साथ रहे युवक राहुल कुमार की निशानदेही पर पुलिस बाला बिगहा गांव के जनवितरण विक्रेता विजय यादव के घर पर लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला. सूत्रों की मानें, तो व्यवसायी का अपहरण और हत्या में विजय यादव का हाथ हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
शक के आधार पर बताये थे कई नाम
गौरतलब है कि विजय यादव का नाम वर्ष 2017 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भदेजा गांव में नाच के दौरान दंगा फैलाने के आरोप में पुलिस के रेकॉर्ड बुक में दर्ज है. उस समय डीएम रहे कुमार रवि ने विजय यादव के नाम से जारी जनवितरण प्रणाली की दुकान का लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया था. साथ ही उसके घर की मापी कराने का भी आदेश दिया था.
इस मामले में व्यवसायी के परिजनों ने पहले टेनी महतो, श्याम किशोर शर्मा साथ रहे युवक राहुल कुमार और रंजय कुमार के नाम शक के आधार पर पुलिस को बताये थे. अब परिजन भी इस मामले में कुछ के निर्दोष होने की बात कह रहे हैं. इधर, एएसपी संजय भारती ने खिजरसराय पहुंच कर घटना की जानकारी ली. साथ ही अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करते हुए मामले का खुलासा करने का आदेश दिया.
